बाराचट्टी: बाराचट्टी की बुमेर पंचायत के बीघी गांव स्थित सेना के फायरिंग रेंज में बुधवार की शाम दागे गये तोप के गोले की चपेट में आने से पास के ही मनफर गांव के 18 वर्षीय चमारी भोक्ता की मौत हो गयी. पता चला है कि बुधवार की शाम करीब छह बजे चमारी भोक्ता जंगल से अपने जानवरों को लेकर वापस गांव लौट रहा था. इसी बीच सेना के फायरिंग रेंज से दागा गया गोला चमारी के पास आकर गिरा. गोले के विस्फोट से चमारी गंभीर रूप से जख्मी हो गया.
उसके परिजनों ने उसे बाराचट्टी पीएचसी में भरती कराया, पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे मगध मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. लेकिन, मगध मेडिकल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इधर, गोले के छर्रे से कुछ जानवर भी घायल हो गये. उल्लेखनीय है कि विगत फरवरी में भी सेना के फायरिंग रेंज (फायरिंग कैंप) में ट्रेनिंग के दौरान ही तोप के एक गोले के नहीं फटने के बाद गोले में मौजूद धातुओं को निकालने के दौरान विस्फोट होने से बीघी गांव के ही सुरेश भोक्ता की जान चली गयी थी. पिछले करीब 20 वर्षों में तोप के गोले फटने से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
तोप के गोले से लोगों की मौत के मामले को बाराचट्टी की विधायक समता देवी ने विधानसभा में उठाया है. वह फायरिंग रेंज हटाने की मांग कर चुकी हैं.
