गया: नगर निगम द्वारा चलायी जा रही ड्राइ जोन में पेयजल संकट दूर करने की योजना को ग्रहण लग गया है. अब यहां के लोगों को एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) की योजना के क्रियान्वयन के बाद ही इस संकट से मुक्ति मिल सकेगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निश्चय योजना के तहत नगर निगम द्वारा 6.28 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गयी थी. पर, पार्षद शगुफ्ता परवीन की शिकायत पर नगर विकास विभाग के सचिव ने योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है.
एडीबी योजना के तहत काम शुरू होने में देरी है. हाल के दिनों में शहर की स्थिति यह है कि कई इलाकों में लेयर नीचे चला गया है. वहां नगर निगम द्वारा टैंकर से पानी सप्लाइ की जा रही है. हर दिन किसी न किसी मुहल्ले में पानी का लेयर नीचे चला जा रहा है. नगर निगम द्वारा पहले से मेन सप्लाइ लाइन लगायी गयी है, पर लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए पाइपलाइन नहीं बिछायी गयी है. उन्हीं जगहों पर पाइपलाइन विस्तार की योजना बनायी गयी थी. इधर, योजना के इस वर्ष पूरा नहीं होने की सूचना से कई पार्षद मायूस हैं. आमलोगों में भी निराशा है. लोगों को उम्मीद थी कि इस साल अगर पाइपलाइन का विस्तार हो जाता है, तो आनेवाले समय में पानी की किल्लत दूर हो जायेगी.
गौरतलब है कि वार्ड नंबर-45 की पार्षद शगुफ्ता परवीन ने नगर विकास विभाग के सचिव को पत्र देकर आरोप लगाया था कि निगम बोर्ड की बैठक में दबंगता के बल पर योजना पारित करायी जाती है. इसमें नगर निगम के सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा योजनाओं में बंदरबांट की जा रही है. इसके बाद ही नगर विकास विभाग सचिव ने योजना क्रियान्वयन पर रोक लगा दी.
जिन जगहों के लिए थी योजना
कुल 27 वार्डों में पाइपलाइन विस्तार व चार वार्डों के 12 स्लम एरिया में मिनी जलापूर्ति केंद्र बना कर पानी सप्लाइ देने की योजना थी. प्रमुख योजनाओं में ब्राह्मणीघाट से उपरडीह, गेवालबिगहा के मुहल्ले, मुस्तफाबाद, क्रेन स्कूल के पास सेवादल नगर, रामशिला के नीचे का इलाका व बागेश्वरी लाइन से लेकर डाकस्थान तक के अलावा अन्य कई वार्डों में पाइपलाइन विस्तार की योजना थी. इसमें काम भी शुरू कर दिया गया था. अब इस योजना के भी पूरा होने पर संदेह हो गया है.
