बैठक में संघ के सचिव रवि कुमार ने कहा कि विगत वित्तीय वर्ष में बिहार में गया के दवा दुकानदारों ने सभी से ज्यादा सेल्स टैक्स का भुगतान किया है. उन्होंने कहा कि सेल्स टैक्स भुगतान के मामले में पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष 64 प्रतिशत का ग्रोथ हुआ है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दवा मंडी की 90 प्रतिशत दुकानों का वाणिज्य विभाग में रजिस्ट्रेशन है और सभी सेल्स टैक्स का भुगतान भी करते हैं.
इसके बावजूद अगर वाणिज्य विभाग सहयोग करने को इच्छुक है, तो विभाग द्वारा एक शिविर लगा कर शेष दुकानों का रजिस्ट्रेशन कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि सेल्स टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है और इसमें दवा विक्रेता संघ विभाग को हरसंभव सहयोग करने को तैयार है. इस अवसर पर वाणिज्य कर उपायुक्त नंदकिशोर राज ने भी सेल्स टैक्स का भुगतान करने व विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने के बारे में जानकारी दी. उन्होंने शिविर लगा कर रजिस्ट्रेशन किये जाने पर भी सहमति व्यक्त की. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों वाणिज्य विभाग के पदाधिकारी शहर के दवा मंडी में स्थित दुकानों की जांच करते हुए दुकानों का रजिस्ट्रेशन कराने व सेल्स टैक्स का भुगतान करने को कहा था. इसके बाद गुरुवार को दवा विक्रेता संघ के साथ वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक की. बैठक के लिए दवा मंडी की सभी दुकानें सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक बंद रहीं.
