वाणिज्य कर उपायुक्त नंद किशोर राज ने बताया कि शहर में फिलहाल 471 चिह्नित दवा दुकानें हैं, जिनमें करीब 250 ही रजिस्टर्ड हैं. ऐसी स्थिति में शेष दुकानों का रजिस्ट्रेशन कर उनसे सेल्स टैक्स की वसूली करने का लक्ष्य विभाग को दिया गया है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को होनेवाली बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
दवा व्यवसायियों पर सेल्स टैक्स की नजर
गया: शहर के दवा व्यवसायियों पर अब सेल्स टैक्स वसूलने के लिए वाणिज्य विभाग ने नजरें टिका दी हैं. इसके लिए पदाधिकारियों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में मंगलवार को कई पदाधिकारियों ने दवा मंडी स्थित दुकानों की जांच-पड़ताल की. वैसे दुकानदार जिन्होंने अब तक वाणिज्य विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं […]

गया: शहर के दवा व्यवसायियों पर अब सेल्स टैक्स वसूलने के लिए वाणिज्य विभाग ने नजरें टिका दी हैं. इसके लिए पदाधिकारियों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में मंगलवार को कई पदाधिकारियों ने दवा मंडी स्थित दुकानों की जांच-पड़ताल की. वैसे दुकानदार जिन्होंने अब तक वाणिज्य विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनकी जांच की जा रही है व उनसे सेल्स टैक्स का भुगतान करने को कहा जा रहा है.
मंगलवार को टिकारी रोड स्थित दवा मंडी में वाणिज्य विभाग के पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया. बाद में दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने इसमें दखल देते हुए विभाग के अधिकारियों से बात की. अंत में यह तय हुआ कि दवा विक्रेता संघ व इससे जुड़े दुकानदारों के साथ वाणिज्य विभाग के पदाधिकारी गुरुवार की सुबह 11:30 बजे वर्णवाल धर्मशाला में बैठक करेंगे और रजिस्ट्रेशन कराने सहित टैक्स का भुगतान करने के मुद्दों पर विचार-विमर्श व सहमति बनायी जायेगी.