व्यावसायिक पाठ्यक्रम की वर्तमान स्टेटस से सरकार को कराया जायेगा अवगत, वोकेशनल सेल की बैठक आज

बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) मुख्यालय व उसके अधीन आनेवाले कॉलेजों में चलाये जा रहे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (वोकेशनल कोर्स) को और सुदृढ़ व नियमों में एकरूपता लाने के लिए कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्मद इश्तियाक द्वारा गठित वोकेशनल सेल की पहली बैठक बुधवार को होगी. इसकी अध्यक्षता वोकेशनल सेल के को-ऑर्डिनेटर (बीडी कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर […]

बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) मुख्यालय व उसके अधीन आनेवाले कॉलेजों में चलाये जा रहे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (वोकेशनल कोर्स) को और सुदृढ़ व नियमों में एकरूपता लाने के लिए कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्मद इश्तियाक द्वारा गठित वोकेशनल सेल की पहली बैठक बुधवार को होगी.

इसकी अध्यक्षता वोकेशनल सेल के को-ऑर्डिनेटर (बीडी कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज) डॉ बीएन ओझा करेंगे. साथ ही वोकेशनल सेल के सदस्य सचिव एमयू के सीसीडीसी प्रो उपेंद्र नाथ वर्मा, टीपीएस कॉलेज पटना के प्राचार्य डॉ तपन कुमार शांडिल्य, कॉमर्स कॉलेज पटना के प्राचार्य प्रो बबन सिंह, एएन कॉलेज पटना के पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज डॉ ललन सिंह व गया कॉलेज के पूर्व प्राचार्य श्रीकांत शर्मा बैठक में शामिल होंगे. सूत्रों के अनुसार, वोकेशनल सेल की बैठक में एमयू के इंचार्ज (मीटिंग सेक्शन) डॉ शैलेंद्र कुमार, गया कॉलेज के प्राचार्य डॉ शमसुल इस्लाम व डॉ ओमप्रकाश सिंह को भी बुलाया गया है़ इनके भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है़.

क्यों महत्वपूर्ण है बैठक?
एमयू के अधीन आने वाले कॉलेजों में चलाये जा रहे वोकेशनल कोर्सों पर प्रदेश सरकार ने एमयू प्रशासन को पत्र भेज कर प्रजेंट स्टेटस एबाउट ऑल वोकेशनल कोर्स से संबंधित रिपोर्ट मांगी है. साथ ही फिलहाल वोकेशनल कोर्सों के नामांकन में सरकार ने रोक लगा दी है. बुधवार को होनेवाली बैठक में वोकेशनल सेल से जुड़े अधिकारियों द्वारा प्रजेंट स्टेटस एबाउट ऑल वोकेशनल कोर्स से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने पर चर्चा होगी और जल्द ही इस रिपोर्ट को सरकार के समक्ष पेश किया जायेगा. इस मामले में डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने बताया कि उनके कॉलेज में तीन वोकेशनल कोर्स यानि बायो-टेक, बीबीएम व बीसीए चलाये जा रहे हैं. सरकार द्वारा मांगे गये रिपोर्ट के अनुसार, वोकेशनल कोर्स को चलाने के लिए टीपीएस कॉलेज में क्या-क्या संसाधन हैं? उक्त विषयों में कितनी सीटों पर नामांकन होता है, सहित अन्य बिंदुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इसी प्रकार की रिपोर्ट वैसे सभी कॉलेज बनायेंगे, जहां-जहां वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं. तब, इस रिपोर्ट को सरकार के समक्ष पेश किया जायेगा.
सहमति बनी तो वोकेशनल कोर्सों के लिए होगी शिक्षकों की नियुक्ति
वोकेशनल कोर्सों की पढ़ाई कराने को लेकर एमयू के हर कॉलेज में अलग-अलग नियम हैं. इन्हीं नियमों में एकरूपता लाने की योजना कुलपति ने बनायी है. बुधवार को होनेवाली बैठक में वोकेशनल से संबंधित नियमों में एकरूपता लाने पर भी विचार-विमर्श होगा. अगर वोकेशनल सेल के सदस्यों के बीच आपसी सहमति बन गयी, तो वोकेशनल कोर्सों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय की एक विशेष कमेटी द्वारा की जायेगी. योजना बनायी जा रही है कि वोकेशनल कोर्स से संबंधित ठेके पर बहाल शिक्षकों को एक समान वेतन दिया जाये.

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