शेरघाटी : प्रखंड क्षेत्र के चांपी, काजीचक, समदा, जमुआइन, भुजौल, मुर्गियाटांड़, बनियाडीह, झौर, नीमा, महुआडीह, श्रीरामपुर के बंदोहरी, भजौल, ढाबचिरैंया के भटकुरहा, बौलीपुर व लालगढ़ सहित कई गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत है. यहां अधिकतर चापाकल खराब हैं. किसी गांव में एक-दो चापाकल यदि ठीक हैं, भी तो वहां सुबह से ही पानी लेने के लिए लंबी कतार लग जाती है. पानी के लिए घंटों लाइन लगती है. ग्रामीणों ने बताया कि तेज धूप व गरमी में नहाना तो दूर, पीने का पानी भी नहीं है.
शेरघाटी का दक्षिणी इलाका पेयजल संकट से जूझ रहा है. चांपी पंचायत के बिगु मांझी, कपिल मांझी, बिफनी देवी, मंती देवी व अन्य ने बताया कि दो साल से चापाकलों की मरम्मत नहीं हुई है. नया चापाकल भी नहीं लगाया गया है. चंदा कर के एक चापाकल बनाया गया है, तब जाकर पानी मिल रहा है. गांववाले अन्य चापाकलों की मरम्मत के लिए शेरघाटी स्थित पीएचइडी के कार्यालय में जाते हैं, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती है.
ग्रामीणों ने कहा कि चापाकल मरम्मत के लिए बार ग्राम विकास शिविर में भी आवेदन दिये गये. मुखिया दीपक सिंह ने बताया कि पंचायत में दो दर्जन चापाकल खराब हैं. काफी गरमी होने से एक दर्जन से ज्यादा चापाकल बंद हो गये हैं.
उन्होंने बताया कि खराब चापाकल की मरम्मत के लिए पीएचइडी को सूची दे दी गयी है. बावजूद इसके चापाकलों की मरम्मत नहीं हुई है. इधर, पीएचइडी के सहायक अभियंता चंद्रभूषण ने बताया कि चांपी पंचायत में पानी की किल्लत की शिकायत नहीं है. चापाकलों को जल्द ही ठीक करा लिया जायेगा.
