पुलिस का दावा है कि किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए नक्सली संगठन के लोग जमा हो रहे थे, जिसकी सूचना एसएसपी गरिमा मलिक को मिली. इसके बाद एक टीम ने शेख बिगहा में छापेमारी कर संजय यादव को उसके घर से ही दबोच लिया. एसएसपी ने बताया कि कुख्यात नक्सली प्रद्युम्न शर्मा के ग्रुप में काम करनेवाले संजय यादव पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अवैध हथियार व विस्फोटक पदार्थ रखने सहित अन्य कांडों में संलिप्त होने के मामले खिजरसराय थाने में दर्ज हैं. 2005 से 2015 तक खिजरसराय थाने में दर्ज पांच मामलों में वह वांछित था व इन मामलों 10 वर्षों से फरार चल रहा था. एसएसपी ने बताया कि संजय यादव से पूछताछ में नक्सलियों के विरुद्ध कई अहम सुराग हाथ लगे हैं.
नीमचक बथानी के एसडीपीओ विद्यासागर ने बताया कि संजय यादव को गिरफ्तार करने का कई मर्तबा प्रयास किया गया था, लेकिन वह बच निकलता था. पिछले दिनों वह नयी बाजार में अपने साथियों के साथ किसी घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुआ था, जिसकी सूचना पर पहुंची पुलिस की पकड़ में उसके अन्य साथी तो आये, लेकिन वह फरार हो गया था. उन्होंने बताया कि संजय पर खिजरसराय व अतरी थानों में मामले दर्ज हैं. हालांकि, वह दो वर्ष पहले भी पकड़ा गया था. पर, जमानत पर जेल से बाहर आया था. इन दिनों वह मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ रही उसकी पत्नी बेबी देवी के समर्थन में प्रचार-प्रसार के सिलसिले में क्षेत्र में मौजूद था. छापेमारी में खिजरसराय के थानाध्यक्ष गौरव सिंधु व सरबहदा ओपी प्रभारी अखिलेश्वर शर्मा पुलिस बल के साथ शामिल थे.
