बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) स्थित दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के राधाकृष्णन सभागार में मंगलवार को बीएड दूरस्थ के विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के डायरेक्टर डॉ इसराइल खां ने कहा कि एक राजा की पूजा सिर्फ उसके देश में ही होती है, पर विद्वान की पूजा सर्वत्र होती है.
शिक्षक की अपनी एक गरिमा होती है. सभी अपने अंदर शिक्षक बनने की भावना को जगाएं और शिक्षक के रूप में एक आदर्श पेश करें. एक बेहतर समाज व भावी पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. शिक्षण बड़ा ही सम्मानजनक पेशा है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक अपने निर्जी स्वार्थ का त्याग करें. समर्पण व निष्ठा भाव से शिक्षण करें व एक सफल शिक्षक बनने की मिसाल पेश करे.
डायरेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि लाइब्रेरी का प्रयोग जरूर करें. इससे आप सभी का ज्ञानवर्द्धन होगा. साथ ही छुट्टियों के दिनों में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय आयें और वहां उपलब्ध शिक्षकों से परामर्श लें. आपके विकास के लिए निदेशालय दृढ़संकल्पित है. लेकिन, कोई विद्यार्थी काउंसेलिंग सेशन में निर्धारित उपस्थिति दर्ज नहीं करेगा, तो निदेशालय उनके अन्य कार्यों को पूरा नहीं कर पायेगा.
प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया जायेगा पाठ्यक्रम
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बीएड कोर्स से संबंधित पाठ्यक्रमों की रूपरेखा प्रो मुसर्रत जहां ने प्राजेक्टर के माध्यम से दी और सभी काउंसिलिंग सेशन में नियमित रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया. इस अवसर पर डॉ धनंजय धीरज, डॉ जफर आलम, डॉ पीके धल, रामेश्वर मिश्रा, डॉ बुध प्रिये व मुकेश कुमार आदि मौजूद थे.
