उन्होंने कहा कि इस लिए पीएचडी की डिग्री के लिए पहले छह माह का प्री-पीएचडी का कोर्स कराया जाता है. इससे रिसर्चर रिसर्च मेथेडोलॉजी को जान सकेंगे. माैके पर पुस्तकालय विज्ञान के समन्वयक डॉ एमएमए अंसारी व प्रो डॉ धनंजय धीरज ने भी विद्यार्थियों को आवश्यक टिप्स दिये. डॉ एमएमए अंसारी ने बताया कि इस प्रकार के छात्राेपयोगी व्याख्यान आगे भी जारी रहेगा और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जायेगा. इस मौके पर डॉ कपिलदेव सिंह, डॉ शैलेंद्र कुमार कांत, नवल किशोर प्रसाद, डॉ दिलीप कुमार, डॉ आरके शर्मा, रोहित कुमार आदि उपस्थित थे.
नयी तकनीक अपना अपने को डेवलप करें रिसर्चर
बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) स्थित मन्नू लाल केंद्रीय पुस्तकालय में लाइब्रेरी साइंस डिपाटमेंट के तत्वावधान में रिसर्च इथिक्स, मेथडोलॉजी एंड रेफ्रेंस मैनेजमेंट विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का समापन शुक्रवार को हुआ. इस दौरान नयी दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ शिवा कनौजिया शुक्ला ने कहा कि रिसर्चर अपने […]

बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) स्थित मन्नू लाल केंद्रीय पुस्तकालय में लाइब्रेरी साइंस डिपाटमेंट के तत्वावधान में रिसर्च इथिक्स, मेथडोलॉजी एंड रेफ्रेंस मैनेजमेंट विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का समापन शुक्रवार को हुआ. इस दौरान नयी दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ शिवा कनौजिया शुक्ला ने कहा कि रिसर्चर अपने आप को डेवलप करें.
इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें. रिसर्च मेथेडॉलॉजी व रेफ्रेश मैनेजमेंट से संंबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें. इससे शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी. साथ ही सहज तरीके से मौलिक शोध को अंजाम दिया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि यह तरीका शोध के लिए सहज, सुलभ व नि:शुल्क उपलब्ध है. घर बैठे की रिसर्चर इंटरनेट के माध्यम से गुणात्मक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. अब देश के सभी प्रमुख लाइब्रेरी की उपयोगी पुस्तकें नेट पर उपलब्ध है. इन सामग्रियों को अधिक दिनों तक सहेज कर रखा जा सकता है और बाद के दिनों में अपने शोध को आगे बढ़ाने में उपयोग भी कर सकते हैं.
उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान के छात्रों से कहा कि आप अपनी डिग्री के बाद किसी पुस्तकालय में जब सेवा देंगे, तो आपसे यह अपेक्षा रखी जायेगी कि शोद्यार्थी को मार्गदर्शन दे सके कि सॉफ्टवेयर का कैसे इस्तेमाल किया जाये.