बोधगया. किसी घटना से संबंधित अनुभव कब और किस रूप में काम आ जाये, यह कोई नहीं जानता. ऐसा ही एक वाकया शुक्रवार को बोधगया स्थित होटल रॉयल रेसीडेंसी में केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी की मौजूदगी में हुई बैठक में हुआ. केंद्रीय पर्यटन सचिव गया के विष्णुपद मंदिर व उसके आसपास के इलाके के […]
बोधगया. किसी घटना से संबंधित अनुभव कब और किस रूप में काम आ जाये, यह कोई नहीं जानता. ऐसा ही एक वाकया शुक्रवार को बोधगया स्थित होटल रॉयल रेसीडेंसी में केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी की मौजूदगी में हुई बैठक में हुआ. केंद्रीय पर्यटन सचिव गया के विष्णुपद मंदिर व उसके आसपास के इलाके के विकास को लेकर अधिकारियों से सुझाव मांग रहे थे. इसी दौरान सिटी डीएसपी आलोक कुमार सिंह ने कहा कि हर वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है.
अगर बाइपास पुल के पश्चिमी छोर से फल्गु नदी के किनारे विष्णुपद देवघाट व केंदुई की तरफ सड़कों का निर्माण करा दिया जाय, तो पिंडदानियों को विष्णुपद मंदिर तक पहुंचने में काफी सहूलियत होगी. अभी विष्णुपद मंदिर की ओर जानेवाली सभी सड़कें काफी संकीर्ण हैं, इससे अक्सर जाम लगा रहता है.
इस सुझाव की सराहना करते हुए केंद्रीय पर्यटन सचिव ने तुरंत डूडा के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार से पूछा कि सिटी डीएसपी ने जिस सड़क बनाने की बात कही है, उसकी दूरी क्या है और उसे बनाने में कितना रुपया लगेगा. इस पर कार्यपालक अभियंता ने हिसाब-किताब कर कहा कि करीब एक करोड़ रुपये खर्च आयेगा. केंद्रीय पर्यटन सचिव ने बैठक में मौजूद केंद्रीय संयुक्त सचिव डॉ प्रीति श्रीवास्तव से कहा कि इस योजना में एक करोड़ दे दें. पर्यटन सचिव ने कहा कि विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे की बेहतर सुझाव दिये जाएं.