जब अमीन ही नहीं, तो कैसे सुलझे जमीन विवाद

गया: नगर अंचल में जमीन विवाद से जुड़े मामलों में हर रोज कम से कम एक मामला जमीन मापी से जुड़ा जरूर होता है. फिलहाल, अंचल कार्यालय में जमीन मापी के लिए रसीद कटा कर करीब 75 लोग लाइन में हैं. जमीन की मापी नहीं होने से किसी का मामला एक साल से, तो किसी […]

गया: नगर अंचल में जमीन विवाद से जुड़े मामलों में हर रोज कम से कम एक मामला जमीन मापी से जुड़ा जरूर होता है. फिलहाल, अंचल कार्यालय में जमीन मापी के लिए रसीद कटा कर करीब 75 लोग लाइन में हैं. जमीन की मापी नहीं होने से किसी का मामला एक साल से, तो किसी का दो साल से लटका है. ये सारी समस्याएं अमीन की कमी की वजह से शुरू हुई हैं. लिहाजा, बार-बार मापी की डेट देने के बाद भी काम नहीं हो पा रहा है. इनमें सिर्फ प्राइवेट ही नहीं, बल्कि सरकारी जमीन के विवाद भी शामिल हैं.
चंदौती थाना क्षेत्र के गांधीनगर की सविता देवी व लालदेव यादव सहित कई लोगों ने सरकारी जमीन व आम रास्ते पर कब्जा करने से संबंधित आवेदन डीएम के जनता दरबार में गत 28 जनवरी को दिया था. भूमि उप समाहर्ता ने नगर अंचल के सीओ को जमीन की मापी करा कर उचित कार्रवाई का आदेश जारी किया है, पर अब तक इस संबंध में अधिकारी द्वारा अमीन की कमी होने का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की गयी.
इस संबंध में आवेदकों ने पुलिस पदाधिकारियों को भी आवेदन दिया था, पर कार्रवाई के नाम पर मापी तक आकर मामला अटक गया है. इसी तरह गांगोबिगहा निवासी विजय कुमार को पिछले वर्ष से ही जमीन मापी का समय दो बार दिया गया, पर अपरिहार्य कारण बता कर मापी नहीं की जा सकी.

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