आठ महीने तक रत्न संजय ने संभाली मगध की कमान

गया: पीके श्रीवास्तव के तबादले के बाद 13 जून, 2015 को मगध डीआइजी के रूप में कमान संभाले रत्न संजय का मात्र आठ महीने में तबादला हो गया. अपने इस कार्यकाल के दौरान रत्न संजय ने रूटीन कार्यों के अलावा फर्जी डिग्री मामले में पंजाब के डीसी परमपाल सिंह पर चार्जशीट दाखिल करवाने व बोधगया […]

गया: पीके श्रीवास्तव के तबादले के बाद 13 जून, 2015 को मगध डीआइजी के रूप में कमान संभाले रत्न संजय का मात्र आठ महीने में तबादला हो गया. अपने इस कार्यकाल के दौरान रत्न संजय ने रूटीन कार्यों के अलावा फर्जी डिग्री मामले में पंजाब के डीसी परमपाल सिंह पर चार्जशीट दाखिल करवाने व बोधगया में नो हॉर्न जोन के लिए अभियान चलाया.

इसमें डीआइजी ने कई बार खुद ही घंटों वाहनों की जांच की और उनके चालान कटवाये. डीआइजी बाइकों के आगे नंबर प्लेट लगाने व हेलमेट पहनने के लिए लोगों को समझाने-सुधारने में जुटे रहे. डीआइजी के खाते में ही गया एयरपोर्ट पर पिछले दिनों विदेशी सामान की तस्करी का खुलासा करना भी जाता है.

उन्होंने ही इस रैकेट को बेनकाब करने की मुहिम छेड़ रखी थी. हालांकि, शुक्रवार को सरकार ने सूबे के कई डीआइजी का तबादला कर दिया, जिसमें रत्न संजय का भी नाम है. अब इनकी जगह पर वर्ष 2002 के आइपीएस अधिकारी सौरव कुमार को मगध का कमान सौंपी गयी है. इस सब के बीच डीआइजी ने शुक्रवार को भी पुलिस लाइन में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए एसएसपी गरिमा मल्लिक व ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक की. इसके बाद डीआइजी ने जनता दरबार में आये 45 मामलों को भी देखा व संबंधित पदाधिकारियों को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया.

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