गली-गली में दिखेंगे शराब विरोधी नारे

गया : मद्य निषेध के प्रति जन जागरूक की जिम्मेवारी जिले के सभी 664 प्रेरक व 2,381 टोला सेवक व तालिमी मरकजों को सौंपी गयी है. ये सभी गेरुआ रंग से हर गांव व गली-गली में दीवार पर शराब विरोधी नारे लिखेंगे. जिला कार्यक्रम पदाधिाकरी(साक्षरता) सुनैना कुमारी ने बताया कि आठ फरवरी से 13 फरवरी […]

गया : मद्य निषेध के प्रति जन जागरूक की जिम्मेवारी जिले के सभी 664 प्रेरक व 2,381 टोला सेवक व तालिमी मरकजों को सौंपी गयी है. ये सभी गेरुआ रंग से हर गांव व गली-गली में दीवार पर शराब विरोधी नारे लिखेंगे. जिला कार्यक्रम पदाधिाकरी(साक्षरता) सुनैना कुमारी ने बताया कि आठ फरवरी से 13 फरवरी के बीच दीवार लेखन का कार्य पूरा कर लने का निर्देश है. लेकिन, टोला सेवकों व तालिमी मरकजों का अक्षर आंचल योजना के तहत शिक्षा गुणवत्ता का चार दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है. जहां पहले चरण का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, वहां दीवार लेखन शुरू हो चुका है. दूसरा चरण गुरुवार को पूरा हो जाने के बाद वहां भी दीवार लेखन शुरू हो जायेगा.
ये नारे लिखे जायेंगे दीवारों पर
‘बिहार की महिला करे पुकार, शराब मुक्त हो मेरा बिहार’, ‘शराब का जो हुआ शिकार, उजड़ा उसका घर परिवार’,’शराब पीकर जाओगे, घर नहीं पहुंच पाओगे’,’तुम पियोगे दारू, तो बच्चा लगायेगा झाड़ू’,’अब शराब ना पीऊंगा, पूरा जीवन जीऊंगा’,’जिंदगी है खुशी से जीने के लिए, ना कि शराब पीने के लिए’, ‘अगर जीना है चैन से, शराब ओझिल करो नैन से’,’जन-जन की यही पुकार, करो शराब का बहिष्कार’,’करना हो समाज का उद्धार, तो करो शराब का बहिष्कार’ व ‘क्या आप जानते हैं… शराब के कारण होती है अधिक दुर्घटनाएं’ आदि.

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