गया: गया की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित, सुरक्षित व पर्यटन दृष्टिकोण से सुदृढ़ व लोकलुभावन बनाने के लिए हृदय योजना के तहत उनके आसपास के एरिया का सौदर्यीकरण होगा.
इसके तहत बोधगया-ढूंगेश्वरी पथ निर्माण, विष्णुपद मंदिर के बाहर सौंदर्यीकरण व शौचालय निर्माण, अक्षयवट, तुलसी उद्यान, देवघाट से चौधरी घाट तक सौंदर्यीकरण, ब्रह्मसत व वैतरणी तालाब का जीर्णोंद्धार, जिला पर्षद कार्यालय व नगर निगम कार्यालय में जीर्णोद्धार कराया जायेगा. ये सभी काम पहले फेज में होंगे. शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय में पर्यटन विभाग, इंटैक एजेंसी व नगर आयुक्त ने इस संबंध में डीएम के साथ काफी देर तक राय-मशविरा की.
परखी जायेगी डीपीआर इसके बाद ही मिलेगा काम : जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि गया व बोधगया को हृदय योजना से जोड़ने के लिए 46 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गयी है. कार्ययोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए केंद्र सरकार स्मार्ट सिटी में, जो एजेंसी काम कर रही है, उन्हीं 33 एजेंसियों को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. सभी की डीपीआर परखने के बाद ही किसी एक एजेंसी को काम करने की जिम्मेवारी दी जायेगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना के तहत दोहरीकरण न हो, इसका ख्याल रखा जाये. वर्तमान में प्रसाद योजना (विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी द्वारा लायी गयी एक योजना) के तहत विष्णुपद मंदिर में सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है.
धरोहरों की वास्तविकता का रखा जायेगा पूरा ख्याल : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि हृदय योजना के तहत जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर कामकाज शुरू किया जायेगा. इस दौरान दौरान धरोहरों की पहले की वास्तविकता को बचाये रखने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा. जिले की सभी धरोहरों में जीर्णोद्धार में चरणबद्ध तरीके से काम कराया जायेगा. बैठक में पर्यटन विभाग के कनीय अभियंता तरुण कुमार, इंटैक एजेंसी के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर धर्मेंद्र मिश्र व आर्किटेक अभिषेक कुमार आदि उपस्थित रहे.
