गया: शहर के पांच वार्डों (29, 30, 31, 32 व 33) में पिछले एक सप्ताह से पानी की भारी किल्लत है. लोग बूंद-बूंद तो नहीं, पर साफ पानी पीने के लिए जरूर तरस गये हैं. जैसे-तैसे उनका काम चल रहा है. धीरे-धीरे लोगों में असंतोष पैदा हो रहा है और वे आंदोलन का मन बना रहे हैं. उक्त वार्डों के अंतर्गत शास्त्रीनगर, जनता फ्लैट, अशोकनगर, इमलियाचक, रामपुर, मुस्तफाबाद, एपी कॉलोनी, चाणक्यपुरी कॉलोनी, पुलिस लाइन, गेवालबिगहा, गांगोबिगहा व चिरैयाटांड़ मुहल्ले हैं.
सात फरवरी से होगा आंदोलन : गुरुवार को जल व्यवस्था संघर्ष समिति की आेर से एपी कॉलाेनी स्थित डॉ पूनम सहाय के मकान में बैठक कर सात फरवरी से आंदोलन का निर्णय लिया गया. लोगों ने फैसला लिया है कि सात फरवरी को गया कॉलेज मोड़ के पास आमसभा व धरना कर आगे के आंदोलनात्मक कार्यक्रम की रणनीति बनायी जायेगी.
जल व्यवस्था संघर्ष समिति के संयोजक गजेंद्र कुमार ने बताया कि तीन साल से लोगों को पानी व्यवस्था के लिए सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. लेकिन, इस बार तो आंदोलन होकर रहेगा और यह तब तक रहेगा, जब तक पानी की व्यवस्था स्थायी नहीं होगी.
