साथ ही, समय-समय पर शिक्षकों द्वारा दिये गये निर्देशों को भी पूरा करना है. हर दिन ड्रेसकोड में रहना है और अनुशासन में रहते हुए सभी विभागीय गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी है. इससे उनका ही सर्वांगीण विकास होगा. शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ पीके धल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से द्विवार्षिक कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को दैनिक जीवन से जोड़ने की बात कही.
विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत शिक्षकों ने परिचय के क्रम में संस्थान वे उससे जुड़े कायदे-कानून साक्षा किये. इस मौके पर डॉ संजीव कुमार पांडेय, डॉ बुद्धप्रिय, रामेश्वर मिश्र, रश्मि सिन्हा, डॉ नरगिस नाज, रामरतन पासवान, मुकेश कुमार, मुशर्रत जहां व अन्य उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ जफर आलम व कार्यक्रम की देखरेख डॉ धनंजय धीरज ने किया.
