साथ ही, समय-समय पर शिक्षकों द्वारा दिये गये निर्देशों को भी पूरा करना है. हर दिन ड्रेसकोड में रहना है और अनुशासन में रहते हुए सभी विभागीय गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी है. इससे उनका ही सर्वांगीण विकास होगा. शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ पीके धल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से द्विवार्षिक कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को दैनिक जीवन से जोड़ने की बात कही. विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत शिक्षकों ने परिचय के क्रम में संस्थान वे उससे जुड़े कायदे-कानून साक्षा किये. इस मौके पर डॉ संजीव कुमार पांडेय, डॉ बुद्धप्रिय, रामेश्वर मिश्र, रश्मि सिन्हा, डॉ नरगिस नाज, रामरतन पासवान, मुकेश कुमार, मुशर्रत जहां व अन्य उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ जफर आलम व कार्यक्रम की देखरेख डॉ धनंजय धीरज ने किया.
अनुशासित रहें विद्यार्थी होगा सर्वांगीण विकास
बोधगया: मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के सभागार में गुरुवार को बीएड (सत्र-2015-17) के विद्यार्थियों के परिचय सत्र के आयोजन के दौरान दूरस्थ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर डॉ इसराइल खान ने कहा कि सभी विद्यार्थी विभागीय नियमों की पूरी जानकारी ले लें. इन्हें हर हाल में पालन करना है. साथ ही, समय-समय पर शिक्षकों द्वारा […]

बोधगया: मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के सभागार में गुरुवार को बीएड (सत्र-2015-17) के विद्यार्थियों के परिचय सत्र के आयोजन के दौरान दूरस्थ शिक्षा विभाग के डायरेक्टर डॉ इसराइल खान ने कहा कि सभी विद्यार्थी विभागीय नियमों की पूरी जानकारी ले लें. इन्हें हर हाल में पालन करना है.
आंखें नहीं, सपना शिक्षक बनने का
बीएड नियमित सत्र-2015-17 में दो ऐसे विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है, जो पूर्णत: नेत्रहीन हैं. पटना स्थित बीएन कॉलेज से हिंदी से स्नातक कर चुके चंद्रदेश कुमार व गृहविज्ञान से स्नातक कर चुकी रिंकी कुमारी से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ धनंजय धीरज ने मुलाकात की और उनके जज्बे को देख वहां मौजूद विद्यार्थियों को सीख लेने की बात कही. बातचीत के दौरान दोनों नेत्रहीन स्टूडेंट्स ने बताया कि वह बीएड कर शिक्षक बनना चाहते हैं.