मार्च तक आठ पंचायतें होंगी खुले में शौच से मुक्त

गया: जिला स्वच्छता समिति के कार्यालय में बुधवार काे पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता चंदेश्वर राम की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें कहा कि 31 मार्च तक गया कि जिले के आठ प्रखंडाें की आठ पंचायताें काे आेपेन डेफिकेशन फ्री (आेडीएफ) अर्थात खुले में शाैचालय से मुक्त करना है. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि […]

गया: जिला स्वच्छता समिति के कार्यालय में बुधवार काे पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता चंदेश्वर राम की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें कहा कि 31 मार्च तक गया कि जिले के आठ प्रखंडाें की आठ पंचायताें काे आेपेन डेफिकेशन फ्री (आेडीएफ) अर्थात खुले में शाैचालय से मुक्त करना है.
पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जिले के आमस प्रखंड की करमडीह, वजीरगंज की धनसीर, फतेहपुर की नीमी, गुरुआ की काेलाैना, मानपुर की शादीपुर, बेलागंज की लाेदीपुर, बाराचट्टी की बारी व शेरघाटी की बारा पंचायत का चयन आेडीएफ के लिए किया गया है.
इनमें शेरघाटी की बारा पंचायत का हरना गांव आेडीएफ हाे गया. उन्हाेंने बताया कि प्रखंड समन्वयक, उत्प्रेरक, पीएचइडी के सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जीविका के कर्मचारी, वाटर एड, प्रगति ग्रामीण विकास समिति व महिला समाख्या की टीम इन पंचायतों के गांवाें में जायेगी व लाेगाें को खुले में शाैच से हाेनेवाली हानि के बारे में बतायेगी. टीम के सदस्यों द्वारा द्वारा कम्युनिटी लेड टाेटल सेनिटेशन (सीएलटीएस) भी किया जायेगा. उन्हाेंने बताया कि एक यूनिट शाैचालय निर्माण के लिए सरकार की आेर से 12,000 रुपये दिये जाते हैं. बैठक में सहयाेगी संस्थाआें के अधिकारी भी माैजूद थे.

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