गया. पहाड़पुर गांव में बोरिंग के लिए जमीन का पेच बरकरार है. सीओ अशोक कुमार की माने तो विगत सोमवार तक जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं था. लेकिन, मंगलवार से सबकुछ बदलने लगा. उनका कहना है कि सोमवार को पहाड़पुर गांव में लोगों के साथ बैठक की गयी थी. बैठक में बोरिंग के लिए कैलाश यादव ने 25 फुट जमीन देने की बात कही. लेकिन, उनके पोते उमेश यादव व रामभवन यादव जमीन देने से इनकार कर गये. हालांकि, वह सरकारी है.
फिर भी वह अतिक्रमण किये हैं और बोरिंग के लिए देने से मना कर रहे हैं. सीओ ने बताया कि जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया है. लेकिन, उनलोगों ने नोटिस को लौटा दिया. बोरिंग का काम जमीन के कारण रुका है. सीओ ने बताया कि जैसे ही जमीन की समस्या दूर हो जायेगी. उसके अगले दिन ही बोरिंग का काम शुरू कर दिया जायेगा.
दो दिनों का अल्टीमेटम : सीओ ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को दो दिनों का समय दिया गया है. दो दिन के अंदर कब्जा नहीं हटाया गया, तो अर्थमूवर लगा कर अतिक्रमण हटाया जायेगा.
गांव में लोगों के बीच तनाव : जमीन के मामले को लेकर अब गांव में ही तनाव का माहौल बन गया है. गांव में एक-दूसरे से कहासुनी हो रही है. गांव के लोगों ने बताया कि अधिकारियों के कारण गांव के कुछ लोगों में तनाव है.
अधिकारी नहीं ले रहे सुध : लोगों ने बताया कि जमीन को लेकर समस्या बढ़ती ही जा रहा है. इसे लेकर पांच बार सड़क जाम, दो बार डीएम ऑफिस का घेराव व 10 बार नगर प्रखंड कार्यालय घेराव किया जा चुका है. लेकिन, अब तक कोई वरीय पदाधिकारी गांव का जायजा लेने नहीं आये हैं.
डीएम ऑफिस के बाहर होगा रोड जाम : लोगों ने बताया कि गुरुवार को डीएम ऑफिस के पास सड़क जाम करने का मन बनाया गया है. सुबह डीएम कार्यालय जाकर रोड जाम किया जायेगा. रोड जाम तभी टूटेगा, जब पदाधिकारी पहाड़पुर गांव जाने की तैयारी करेंगे.
