गया: वार्ड संख्या-16 की पार्षद उषा देवी के घर दूसरे दिन भी शंकर यादव के परिजनों ने हमला कर दिया. आरोप है कि पार्षद के परिजनों से मारपीट व धक्का-मुक्की की गयी है.
पार्षद के मुताबिक, मंगलवार की सुबह छह बजे अवैध रूप से खटाल चलानेवाले शंकर यादव का बेटा छोटू यादव, पत्नी, बेटी व अन्य लोग उनके घर पहुंच कर गाली-गलौज करने लगे. उनलोगों ने परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की और उनके बेटे राकेश कुमार के साथ मारपीट करने लगे. पार्षद के अन्य परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को देखते ही शंकर यादव का परिवार भागने लगा. पुलिसकर्मियाें ने लोगों की मदद से छोटू यादव को पकड़ लिया. पार्षद ने कोतवाली थाने में इस मामले को लेकर एक और एफआइआर दर्ज करायी है. गौरतलब है कि छोटू यादव के पिता शंकर यादव व भाई राजू यादव को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था.
दूसरे पक्ष ने दर्ज करायी शिकायत : इधर, शंकर यादव की बेटी नीतू कुमारी ने भी पार्षद उषा देवी, उनके बेटे उपेंद्र कुमार, राकेश कुमार व उनके एक दोस्त दिलीप के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी है. शंकर यादव की बेटी ने कहा कि पार्षद के कहने पर उनके बेटे अपने दोस्तों की मदद से उसे जबरदस्ती उठा कर ले जा रहे थे, इसी दौरान उसके साथ मारपीट भी की गयी. शिकायत पर फिलहाल अब तक थाने ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
मामले में शुरू हुई राजनीति : पार्षद के परिजनों पर हमले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गयी है. इंटक के जिला महासचिव अजय कुमार सिंह ने पार्षद पर गुंडों द्वारा नीतू कुमारी व उसके परिवार पर हमला करने का आरोप लगाया है. श्री सिंह ने कहा है कि पार्षद ने इन लोगों से रंगदारी मांगी थी. इंटक इस मामले में महिला आयोग भी जाने की बात कर रहा है. साथ ही, पार्षद के परिवार के सभी नामजदों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है. इंटक नेताओं के मुताबिक नीतू कुमारी इंटक के नगर सचिव पप्पू कुमार की पत्नी है. इधर, भाजपा महानगर इकाई ने पार्षद उषा देवी व उनके परिजनों के साथ हो रही मारपीट की निंदा की है. महामंत्री राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि नामजद होने के बावजूद दोबारा पार्षद पर हमला करना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने पुलिस के वरीय अधिकारियों से पार्षद के घर पर सुरक्षा मुहैया कराने और नामजद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
