खुद पर निर्भर है व्यक्ति का कल्याण

बोधगया: गौतम बुद्ध का सार संदेश यह है कि आपका (व्यक्ति को)अपना कल्याण स्वयं पर निर्भर करता है. इसे आत्म दीपो भव भी कहा जा सकता है. इसके लिए साधना का मार्ग, जो अष्टांगिक मार्ग के रूप में भी जाना जाता है, उसे हर मानव को अपनाना चाहिए. ये बातें एसवी यूनिवर्सिटी, तिरुपति के प्रोफेसर […]

बोधगया: गौतम बुद्ध का सार संदेश यह है कि आपका (व्यक्ति को)अपना कल्याण स्वयं पर निर्भर करता है. इसे आत्म दीपो भव भी कहा जा सकता है. इसके लिए साधना का मार्ग, जो अष्टांगिक मार्ग के रूप में भी जाना जाता है, उसे हर मानव को अपनाना चाहिए. ये बातें एसवी यूनिवर्सिटी, तिरुपति के प्रोफेसर (डॉ) पी चिनैय्या ने बुद्ध जयंती लेक्चर पर व्याख्यान देते हुए कहीं. मगध विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित इंडियन फिलॉसिफिकल कांग्रेस के 90वें अधिवेशन में आये देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के दर्शनशास्त्रियों ने अपने-अपने विचार रखे. विभिन्न इंडोमेंट लेक्चर के तहत अलग-अलग सत्रों में दर्शनशास्त्र के विद्वानों ने व्याख्यान दिये.
डॉ चिनैय्या ने कहा कि बुद्ध ने भी दर्शन का ही सहारा लिया. आज उनके उपदेश को भी दर्शन के रूप में ही लिया जाता है. इंडोमेंट लेक्चर में बीकानेर यूनिवर्सिटी, राजस्थान के वीसी सह आइआइएएस, शिमला के चेयरपर्सन प्रो चंद्रकला पाड़िया ने पापिया घोष मेमोरियल लेक्चर, इंस्टीट्यूट ऑफ प्राकृत एंड जेनोलॉजी, वैशाली के निदेशक डॉ ऋषभचंद जैन ने ऋषभचंद जैन लेक्चर व आइआइटी, मुंबई के डॉ सीडी सेबेस्टियन ने प्रताप सेठ वेदांता लेक्चर पर व्याख्यान दिया. इसके अलावा स्वामी नारायण थेस्टिक वेदांता लेक्चर पर चेन्नई के डॉ वी चंद्रशेखर, डॉ आभा सिंह, डॉ डीएम प्रह्लाद व डॉ के वेंकेश्वरालु आदि दर्शनशास्त्रियों अलग-अलग इंडोमेंट लेक्चर दिये.
अधिवेशन के स्थानीय आयोजक सचिव डॉ बीबी प्रसाद शर्मा ने बताया कि पांच सत्रों में 100 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपने-अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये. उन्होंने बताया कि विशेष कार्यक्रम के तहत दर्शनशास्त्र के विश्वस्तरीय विद्वान सह सेंटर ऑफ स्टडीज फॉर सिविलाइजेशन के मेंबर सेक्रेटरी प्रो भुवन चंदेल ने भी अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि बुधवार को तकनीकी सत्र व गुरुवार को एकेडमिक सत्र के बाद दोपहर दो बजे से अधिवेशन के समापन समारोह का आयोजन किया जायेगा.
जेनरल बॉडी का चुनाव
अधिवेशन के दौरान मंगलवार की शाम जेनरल बॉडी की बैठक में पदाधिकारियों का चुनाव किया गया. इसमें भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, दिल्ली के अध्यक्ष प्रो एसआर भट्ट को इंडियन फिलॉसिफिकल कांग्रेस का अध्यक्ष, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो एसके सिंह व बीएचयू के दर्शनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त अध्यक्ष प्रो गंगाधर को उपाध्यक्ष और मद्रास विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष पनीर सेलबम को महासचिव मनोनीत किया गया. इसके अलावा अगले वर्ष यानी 91वीं सत्र में व्याख्यान देनेवाले वक्ताओं का भी चयन किया गया. फिलहाल, आगामी अधिवेशन के स्थल का चयन नहीं किया जा सका है.

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