बोधगया: सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक अध्ययन के तहत मंगलवार को बोधगया प्रखंड क्षेत्र के बारा गांव पहुंची नेशनल डिफेंस कॉलेज, नयी दिल्ली की टीम ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को देख कर प्रभावित हुई. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाये गये कदम व उसके परिणाम की सफलता को […]
बोधगया: सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक अध्ययन के तहत मंगलवार को बोधगया प्रखंड क्षेत्र के बारा गांव पहुंची नेशनल डिफेंस कॉलेज, नयी दिल्ली की टीम ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को देख कर प्रभावित हुई. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाये गये कदम व उसके परिणाम की सफलता को देख कर टीम के सदस्यों ने भी इसमें दिलचस्पी ली.
टीम के सदस्यों ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ बैठक कर यह जानकारी ली कि समूह के गठन के पहले उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति कैसी थी? जीविका के सहयोग से गठित समूहों में जुड़ने के बाद उनमें क्या बदलाव आया? टीम के सदस्यों को कृष्णा स्वयं सहायता समूह की सचिव विमला देवी, अध्यक्ष मुन्नी देवी व कोषाध्यक्ष करुणा देवी ने जीविका से जुड़ने के पहले व बाद की स्थितियों के बारे में बताया. महिलाओं ने बताया कि समूह में शामिल होने से पहले वे लोग सिर्फ घरेलू कार्यों में उलझी रहती थीं. घर में आर्थिक संकट भी रहता था. स्वयं सहायता समूह के गठन से जुड़ने के बाद जीविका के सहयोग से उन्हें बैंकों से ऋण मुहैया कराया गया. प्रशिक्षण के बाद ऋण के पैसों से अगरबत्ती, पापड़, खिलौने व अन्य सामान बना कर उनकी बिक्री करने लगीं. अब घरेलू आदि कार्यों के लिए किसी से सूद पर रुपये नहीं लेने पड़ते हैं. इससे उनमें आत्मविश्वास व आत्मनिर्भर होने का भाव पैदा हुआ है.
व्यवसाय से हो रही आमदनी से बैंकों को ऋण के रुपये लौटा जा रही हैं. स्वयं सहायता समूह के जरिये शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से बेहतर स्थिति है. महिलाओं का आत्मविश्वास व जज्बा देख-सुन कर टीम के सदस्यों ने इसे प्रेरक व अनुकरणीय बताया. इस चौपाल कार्यक्रम में जीविका के डीपीएम आलोक कुमार, कम्यूनिकेशन प्रबंधक मनीष कुमार, गौतम कुमार, शैलेश कुमार, अमित कौशिक व बिजेंद्र कुमार के अलावा स्वयं सहायता समूह की करीब 60 महिलाएं शामिल हुईं.
19 सदस्यीय टीम में आइपीएस हरजीत सिंह, ब्रिगेडियर एसके सागर, सोनम ग्यातसेन (भूटान), संजीव राज, ब्रिगेडियर जयंत गुनारत्रे, कर्नल टोम बतुस, कमांडर हरिकृष्णन, तोमोयूकि तोमो किकिजॉय, ब्रिगेडियर जीपी सिंह व अन्य लोग शामिल थे. टीम में पांच विदेशी भी थे. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने टीम के सदस्यों का तिलक लगा व माला पहना कर स्वागत किया. जीविका के कम्यूनिकेशन प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि टीम के सभी सदस्य बुधवार को राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिली जानकारियों को साझा करेंगे.