गया: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के गया परिसर में गणतंत्र दिवस पर कुलपति प्राेफेसर हरीशचंद्र सिंह राठाैर ने ध्वजाराेहण किया. इससे पहले उन्हें कैंपस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. लाेगाें काे संबाेधित करते हुए कुलपति ने कहा कि हमारा देश खनिज संपदा व मानव संसाधन से भरा-पूरा है, फिर भी हम विकासशील ही हैं. विकसित नहीं हो सके. विकास के लिए अब भी दूसराें का ही उदाहरण देना पड़ता है. हमें हमारी प्राकृतिक संपदाओं की अहमियत समझनी होगी.
उन्हाेंने कहा कि देश के बजट का बड़ा हिस्सा दवाआें में ही खर्च हाे जाता है. इलाज महंगा होता जा रहा है. आम आदमी के लिए मुश्किलें बढ़ गयी हैं. यदि हम स्वच्छता अभियान के साछ चलें, ताे मुश्किलें यों ही खत्म हो जायेंगी.
कुलपति ने कहा कि स्वास्थ्य संगठन ने हमारे योग को अपनाया है. वह इसकी महत्ता को समझता है. उन्हाेंने कहा कि आनेवाले दिनाें में सबका सहयाेग मिला, ताे सीयूएसबी में याेग अध्ययन की शुरुआत की जायेगी. हमारे छात्र विश्व में न केवल राेजगार पायेंगे, बल्कि संसार काे निराेगी बनाने में याेगदान देंगे. परिसर में दिन की शुरुआत योग से ही होगी.
कुलपति ने छात्राें का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र के निर्माण में उनका याेगदान हाेना चाहिए. उन्हाेंने कहा विद्यार्थियाें का उद्देश्य केवल डिग्री पाना नहीं, बल्कि ज्ञानवान व योग्य बनना होना चाहिए. इस माैके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियाें ने शराबबंदी पर केंद्रित नाटक ‘बिजुलिया भाैजी’ का मंचन किया. रंगाेली, भाषण, कविता व पाेस्टर प्रतियाेगिताआें के विजेताआें काे कुलपति ने पुरस्कृत किया. कार्यक्रम का समापन साइंस लघु फिल्म का प्रदर्शन कर किया गया. इसका निर्माण डॉ अमिय प्रियम ने किया. बीएससी बीएड के सुप्रिया, अमन, सुधा, मेधा, कुशाग्र व शुभम ने इसमें भूमिका निभायी. उल्लेखनीय है कि नेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल में इसका चयन किया जा चुका है.
