गायक केके के गानों पर झूमे लोग

गायक केके के गानों पर झूमे लोग फाेटाे-संवाददाता, बाेधगयाराजेंद्र सिजुआर का स्वर तरंग हुआ. इसमें वायलिन व पखावज का बेहतरीन प्रदर्शन हुआ. इनकाे डीडीसी संजीव कुमार ने मेमेंटाे देकर सम्मानित किया. सुमित्रा गुहा का शास्त्रीय संगीत हुआ. इन्हाेंने कर्नाटक हिंदुस्तानी शैली में गीत प्रस्तुत किया. बंदिशें गायीं. इसके बाद भूटानी कलाकाराें ने नृत्य-संगीत पेश किया. […]

गायक केके के गानों पर झूमे लोग फाेटाे-संवाददाता, बाेधगयाराजेंद्र सिजुआर का स्वर तरंग हुआ. इसमें वायलिन व पखावज का बेहतरीन प्रदर्शन हुआ. इनकाे डीडीसी संजीव कुमार ने मेमेंटाे देकर सम्मानित किया. सुमित्रा गुहा का शास्त्रीय संगीत हुआ. इन्हाेंने कर्नाटक हिंदुस्तानी शैली में गीत प्रस्तुत किया. बंदिशें गायीं. इसके बाद भूटानी कलाकाराें ने नृत्य-संगीत पेश किया. किलकारी के बच्चाें ने दशावतार का वर्णन किया. मानव के क्रमिक विकास का भी जीवंत वर्णन किया. इसके बाद श्रीलंकाई कलाकाराें ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. हास्य कलाकार रवींद्र जैन ने अपनी कविताओं से भ्रूण हत्या पर चाेट की. इसके बाद हिंदी फिल्माें के गायक केके के गानाें का दाैर शुरू हुआ, जिस पर दर्शक झूमते नजर आये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >