न मजिस्ट्रेट मिला, न टावर हुए सील 28 दिसंबर को सील किये जाने थे मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के 10 टावरबकाया भुगतान नहीं करने का मामलासंवाददाता, गयातय तारीख के मुताबिक नगर निगम शहर में चिह्नित किये गये 10 टावरों को सोमवार को सील नहीं कर सका. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जिला प्रशासन स्तर पर मजिस्ट्रेट नहीं मिल सका, इस वजह से टावर सील नहीं किया जा सका. एक से दो दिनों में मजिस्ट्रेट नियुक्ति के बाद ही कार्रवाई शुरू की जा सकेगी. दूसरी तरफ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि स्वराजपुरी रोड में टाटा इंडिकॉम का एक टावर है, उससे संबंधित व्यक्ति ने बकाया चुकाने के लिए संपर्क किया है. हालांकि अब इंडिकॉम का नेटवर्क खत्म हो गया है, लेकिन यह टॉवर दूसरी कंपनी के नेटवर्क को सर्पोट कर रहा है.नये साल को देखते हुए रोका गया है कामइधर, सूत्रों की मानें तो नये साल के आगमन को देखते हुए टावर सील के आदेश को रोका गया है. टावरों के सील हो जाने से लाखों उपभोक्ता परेशान हो जायेंगे, नये साल की शुरुआत में मोबाइल फोन व इंटरनेट का प्रयोग भी बढ़ जायेगा. इसे लेकर नगर निगम फिलहाल इसे टालने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, इस बात पर कोई अधिकारी अपनी सहमति नहीं जता रहे.
न मजस्ट्रिेट मिला, न टावर हुए सील
न मजिस्ट्रेट मिला, न टावर हुए सील 28 दिसंबर को सील किये जाने थे मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के 10 टावरबकाया भुगतान नहीं करने का मामलासंवाददाता, गयातय तारीख के मुताबिक नगर निगम शहर में चिह्नित किये गये 10 टावरों को सोमवार को सील नहीं कर सका. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जिला प्रशासन स्तर पर […]
