खाली जमीन का करें इस्तेमाल

सुझाव. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने राजस्व बढ़ाने का दिया मंत्र – चिह्नित 189 प्लॉटों पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की मदद से व्यावसायिक निर्माण पर जोर – कमीशन पर टैक्स कलेक्टर बहाल करने का सुझाव गया : नगर निगम को हर हाल में अपना राजस्व बढ़ाना होगा. इसके लिए जो उपाय संभव हो, […]

सुझाव. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने राजस्व बढ़ाने का दिया मंत्र
– चिह्नित 189 प्लॉटों पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की मदद से व्यावसायिक निर्माण पर जोर
– कमीशन पर टैक्स कलेक्टर बहाल करने का सुझाव
गया : नगर निगम को हर हाल में अपना राजस्व बढ़ाना होगा. इसके लिए जो उपाय संभव हो, किया जाये. बेहतर राजस्व ही नगर निगम की स्थिति में सुधार ला सकता है.
उक्त सलाह नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अमृतलाल मीणा ने दी. वह शनिवार को नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों व पार्षदों के साथ बैठक में संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने राजस्व की समीक्षा की. प्रधान सचिव ने कहा कि नगर निगम खाली पड़ी अपनी जमीनों का व्यावसायिक प्रयोग कर राजस्व बढ़ा सकता है. अब तक चिह्नित 189 प्लॉटों पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की मदद से व्यावसायिक निर्माण कराया जाये. इससे निगम को अच्छी आमदनी होगी.
टैक्स कलेक्टर कम होने की बात पर उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक कर कमीशन पर टैक्स कलेक्टर बहाल किया जा सकता है. प्रधान सचिव ने कहा कि शहर में तमाम व्यावसायिक इमारतों को चिह्नित कर उनसे काॅमर्शियल टैक्स लें. बैठक में डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव, नगर आयुक्त विजय कुमार, डूडा के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार, निगम के अभियंता शैलेंद्र सिन्हा, विनोद कुमार, दिनकर प्रसाद व कई पार्षद व उनके प्रतिनिधि मौजूद थे.
एडीबी का भी न हो जाये किर्लोस्कर जैसा हश्र: पानी के मुद्दे पर बातचीत के दौरान एडीबी प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई. पार्षदों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में क्या कुछ हो रहा है, डीपीआर में क्या है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
पार्षदों ने शंका जतायी कि इस प्रोजेक्ट का भी हाल किर्लोस्कर जैसा न हो जाये. प्रधान सचिव ने कहा कि पानी पर एक स्पेशल बैठक हो, इसमें एडीबी के भी अधिकारियों को बुला कर चर्चा कर ली जाये. शहर में पानी की समस्या और किर्लोस्कर प्रोजेक्ट के फेल होने की आशंका के बीच यह भी तय हुआ कि जल्द ही पीएचइडी और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव गया आयेंगे और दोनों ही विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर किर्लोस्कर प्रोजेक्ट पर आगे की रणनीति तय करेंगे.
करें आउटसोर्सिंग का इंतजाम
प्रधान सचिव ने कहा कि हर कुछ अंतराल पर हड़ताल हो जाने से नगर निगम की पूरी व्यवस्था खराब हो जाती है. उन्होंने डोर टू डोर कलेक्शन का काम आउटसोर्सिंग से कराने को कहा. उन्होंने कहा कि किसी संस्था या फिर एजेंसी को यह काम दें. प्रत्येक घर से मासिक 60 रुपये के हिसाब से उस एजेंसी को मिले. इसमें 30 रुपये घर का मालिक देगा और 30 रुपये नगर निगम को देने होंगे.
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाये.
पार्षदों ने कहा कि कई जॉब कार्ड मजदूर गुटबाजी कर हड़ताल की रूपरेखा तैयार करते हैं, प्रधान सचिव ने सख्त निर्देश दिया कि गलत चरित्र और गुटबाजी करनेवाले लोगों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखायें. नगर आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि नये हॉपर से जल्द ही शहर के कुछ हिस्सों में डोर टू डोर कलेक्शन शुरू किया जायेगा.

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