दीपावली की शुरुआत, ब्रिटिश काल के सिक्के काे खरीदने में बरतें सावधानी

गया : तीन दिवसीय दीपावली के त्याेहार की शुरुआत शुक्रवार काे धनतेरस के साथ हाे जायेगी. दूसरे दिन यानी शनिवार काे छाेटकी दीपावली यानी देव दीपावली व रविवार काे दीपावली का त्याेहार है. बाजार में खूब चहल-पहल है. चांदी के एक से बढ़ कर एक आइटम बाजार में उपलब्ध: धनतेरस के दिन सबसे ज्यादा सर्राफा […]

गया : तीन दिवसीय दीपावली के त्याेहार की शुरुआत शुक्रवार काे धनतेरस के साथ हाे जायेगी. दूसरे दिन यानी शनिवार काे छाेटकी दीपावली यानी देव दीपावली व रविवार काे दीपावली का त्याेहार है. बाजार में खूब चहल-पहल है.

चांदी के एक से बढ़ कर एक आइटम बाजार में उपलब्ध: धनतेरस के दिन सबसे ज्यादा सर्राफा मंडी में खरीदाराें की भीड़ हाेती है. यहां न सिर्फ ब्रिटिश काल के सिक्के, चांदी के सिक्के, चांदी के गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, चांदी व साेने की पॉलिश की हुई बिस्कुट भी बाजार में उपलब्ध है.
इसके अलावा कटाेरे, गिलास सहित साेने, चांदी से निर्मित अन्य गहने व आइटम बाजार में उपलब्ध हैं. आप ब्रिटिश काल के विक्टाेरिया, जार्ज पंचम, जार्ज षष्टम आदि सिक्के ले रहे हैं ताे पूरी सावधानी बरते हैं, नहीं ताे ठगे जायेंगे. इसमें असली, नकली पहचानने का काेई मानक नहीं है. दाेनाें का वजन, शक्ल-सूरत, बनावट एक जैसी हाेती है.
लेकिन, असली की शुद्धता का प्रतिशत 91.6 प्रतिशत हाेता है. आैर जब नकली काे बेचने जायेंगे ताे उसका प्रतिशत 60 से 75 प्रतिशत के आस-पास मिलेगा. दुकानदार भी कहते हैं. यह विश्वास का साैदा है. इसमें पहचानने का काेई मानक नहीं. गया के सर्राफा मंडी में ब्रिटिश काल के असली सिक्के की कीमत आठ साै रुपये है जबकि नकली सिक्के चार साै रुपये से उपलब्ध है.
ग्राहक जितने में ठगे जायें. यह उनके माेल-भाव पर निर्भर करता है. बाजार में चांदी के सिक्के नये सिक्के भी उपलब्ध हैं, जिनपर ब्रिटिश काल के सिक्के की तरह ही सभी चीजें मुद्रित हैं. चांदी के सिक्के, बिस्कुट, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति व अन्य बर्तन 50 रुपये प्रति ग्राम उपलब्ध हैं.

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