बोधगया में पर्चाधारियों ने बेच डाली कई एकड़ जमीन

बोधगया : भूमिहीन दलित परिवारों को बसने व खेतीबाड़ी कर जीविकोपार्जन करने की मंशा से सरकार द्वारा प्रदत्त सिलिंग की जमीन को ज्यादातर पर्चाधारियों ने दूसरे लोगों के हाथों में बेच दिया है. पर्चाधारियों ने खुद के मकान बनाने के बजाये मोटी रकम लेकर गैर दलितों को अपनी जमीन सौंप दी है. पर्चाधारियों की इस […]

बोधगया : भूमिहीन दलित परिवारों को बसने व खेतीबाड़ी कर जीविकोपार्जन करने की मंशा से सरकार द्वारा प्रदत्त सिलिंग की जमीन को ज्यादातर पर्चाधारियों ने दूसरे लोगों के हाथों में बेच दिया है. पर्चाधारियों ने खुद के मकान बनाने के बजाये मोटी रकम लेकर गैर दलितों को अपनी जमीन सौंप दी है. पर्चाधारियों की इस करनी से सरकार की मंशा तो पूरी नहीं हुई, अलबत्ता करोड़ों रुपये की जमीन कौड़ियों के भाव में खरीद-बिक्री कर ली गयी, वहीं भूमिहीन परिवार अब भी बेघर हैं.

हालात यह है कि पिता के नाम से सरकार ने अगर पर्चा जारी किया है, तो अब उसके बेटे भी घर की कमी से जूझ रहे हैं और अब भूमिहीन होने का दावा पेश करते हुए सरकार से जमीन की मांग करने में जुट गये हैं. इसके लिए समय-समय पर अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया करते हैं.
नोटिस भेज कर सो गया प्रशासन
बोधगया में पर्चाधारियों की जमीन पर दूसरे लोगों द्वारा मकान आदि बनाये जाने को लेकर अंचल कार्यालय द्वारा सर्वे किये जाने के बाद सौंपी गयी रिपोर्ट के आधार पर अपर समाहर्ता कार्यालय से बोधगया के 144 वैसे लोगों को नोटिस भेजा गया था, जिन्होंने पर्चे की जमीन को खरीद कर या लीज पर लेकर घर व अन्य संस्थान खड़ा कर चुके हैं. इसकी जद में राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग भी शामिल हैं. कई विदेशी संस्थाएं भी पर्चे की जमीन पर अपनी इमारतें खड़ी कर चुकी हैं.
पिछले वर्ष अंचल कार्यालय द्वारा इसकी पहचान की गयी और पाया गया कि ज्यादातर जमीनें यानी करीब आठ एकड़ पर्चे की जमीन मस्तीपुर क्षेत्र में स्थित है. इसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये है. बोधगया के 80 फुट बुद्ध मूर्ति से कटोरवा गांव जानेवाली सड़क के किनारे स्थित ज्यादातर जमीनें पर्चे के माध्यम से दलित परिवारों को आवंटित बतायी जा रही हैं.
फिलहाल यहां बाहरी लोगों द्वा��ा जमीन खरीद कर भवन बनाये जा रहे हैं व बना लिये गये हैं. इस संबंध में बोधगया सीओ शिव शंकर राय ने बताया कि पर्चे की आवंटित जमीन की बिक्री नहीं की जा सकती है. इसे लेकर संबंधित पर्चाधारियों को व पर्चे की जमीन पर कब्जा करनेवालों को नोटिस भेजा गया है. पर्चे का आवंटन रद्द करने व आगे की कार्रवाई भी की जायेगी.

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