महादेव तालाब का अस्तित्व मिटाने पर तुले भू-माफिया

गया : भीषण गर्मी व कम बारिश के कारण जल संकट का सामना कर रहे गया में एक ओर तालाबों को भू-माफिया लीलने के चक्कर में लगे हैं. यह प्रदेश सरकार की उस घोषणा को मुंह चिढ़ा रहा है, जिसमें सरकार व उसके नुमाइदें जल संरक्षण को लेकर तालाब व पोखरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने […]

गया : भीषण गर्मी व कम बारिश के कारण जल संकट का सामना कर रहे गया में एक ओर तालाबों को भू-माफिया लीलने के चक्कर में लगे हैं. यह प्रदेश सरकार की उस घोषणा को मुंह चिढ़ा रहा है, जिसमें सरकार व उसके नुमाइदें जल संरक्षण को लेकर तालाब व पोखरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की बात कह रहे हैं.

यह मामला शहर के वार्ड 46 अशोक विहार से सटे महादेव तालाब का है. तालाब के पश्चिम हिस्से में खटाल खुल चुके हैं व दुकानें भी लग रही हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है, ताकि तालाब की जमीन को धीरे-धीरे खत्म करके तालाब को पूरी तरह से लुप्त कर दिया जाये, ताकि कठोकर तालाब की तरह इस तालाब की सारी जमीन भी सरकारी मिशनरी के गठजोड़ से बेच दी जाये.
मापी करा कर संरक्षित करने की मांग : इस तालाब के नजदीक ही महादेव मंदिर होने के कारण लोगों की धार्मिक आस्था भी तालाब से जुड़ी है. ऐसे में अशोक विहार कॉलोनी में रहनेवाले लोगों ने जिला प्रशासन से तालाब की मापी करा कर इसे संरक्षित करने की मांग की है. इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे.
कई एकड़ में फैला है तालाब
माड़नपुर बाइपास से सटे महादेव मंदिर से जुड़ा यह तालाब काफी पुराना है. यह चार से पांच-एकड़ में फैला है. तालाबों के संरक्षण को लेकर कोई नीति नहीं होने के कारण दूसरे तालाबों की तरह इसकी हालात भी खराब हो गयी. दस वर्ष पहले तक जब इस तालाब के ईद-गिर्द आबादी नहीं थी, तो हालात ठीक थे. आबादी बढ़ने के साथ ही तालाब के ईद-गिर्द जमीनों के दाम बढ़ गये. भूमाफियाओं ने बढ़ती आबादी को देख तालाब को ही खत्म करने की योजना बना डाली .

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