गया : भगवान पार्श्वनाथ की रथयात्रा रविवार काे रमना स्थित जैन मंदिर से निकल कर शहर के मुख्य मार्गाें से गुजरते हुए बहुआरचाैरा स्थित जैन मंदिर पहुंची. रथयात्रा में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा, युवती सभी शामिल थे.
भगवान पार्श्वनाथ की जयकारा लगाते यात्रा आगे बढ़ रही थी. तीन दिन पहले भगवान पार्श्वनाथ की यह यात्रा बहुआरचाैरा स्थित जैन मंदिर से निकल कर रमना जैन मंदिर गयी थी. रविवार काे सबसे पहले शांतिधारा करने का साैभाग्य रमेश कुमार छाबड़ा काे मिला. इसके बाद सभी पुजारियाें ने श्रीजी का अभिषेक किया. विशेष पूजा-अर्चना की गयी.
करीब दाे घंटे रथ यात्रा शहर की सड़काें पर भ्रमण करते रहा. इस अवसर पर रथ का सारथी बनने का साैभाग्य नरेंद्र कुमार बड़जात्या काे मिला. धन-कुबेर बने आदित्य काला. भगवान के दर्शन, पूजन काे सभी लालायित थे. महिलाएं पीले रंग के परिधान में कतारबद्ध चल रहीं थीं. पुरुष सफेद वस्त्र में थे. भगवान महावीर के संदेशाें काे तख्ती के माध्यम से दर्शा कर लाेगाें तक संदेश पहुंचाया जा रहा था. रथयात्रा शहर के रमना, पान दरिबां, किरण सिनेमा, शहीद राेड, बजाजा राेड, लॉ राेड, लहेरिया टाेला, जीबी राेड हाेते हुए रथयात्रा बहुआरचाैरा स्थित जैन मंदिर पहुंची.
इस माैके पर जैन साध्वी भी साथ थीं जाे बाद में आठ माताएं गया से दिल्ली के लिए विहार कर गयीं. इस अवसर पर मंत्री सुशील गंगवाल, शैलेश छाबड़ा, हेमंत पाटनी, जैन समाज के मीडिया प्रभारी मुन्ना सरकार जैन, अजीत सेठी, नरेंद्र सेठी, अजीत छाबड़ा, आशीष जैन, अर्पित जैन, रेणु सेठी, अंजना, विजय जैन, ललित सेठी, प्रकाश चंद्र सेठी समेत अन्य शरीक थे.
