गया : आमलोगों को एक वर्ष से अधिक समय से खरखुरा मुहल्ले में जलजमाव से होकर ही आवाजाही करनी पड़ रही है. यही नहीं जलजमाव ने मध्य विद्यालय खरखुरा को भी अपनी चपेट में ले लिया है. बीते छह माह से बच्चों को स्कूल उसी जलजमाव से होकर जाना पड़ रहा है. कई बच्चे पानी में गिर कर घायल हो गये हैं. इसके कारण कई बच्चों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है.
लोगों ने बताया कि पार्षद,पूर्व पार्षद का मकान आसपास ही है. इसके समाधान के लिए कई बार अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाया उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है.
लोगों का कहना है कि सिर्फ स्थानीय पार्षद नाले का टेंडर होने की बात करते हैं. इस बात के भी आठ माह हो चुके हैं. बरसात के दिनों में शहर में जल जमाव की आम माना जाता है लेकिन,ठंड के मौसम में भी जलजमाव होना और इसके बाद भी त्वरित कार्रवाई का नहीं किया जाना निगम के अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है.
पूर्व पार्षद सह पार्षद पति जितेंद्र वर्मा ने कहा कि पानी निकालने के लिए नाला का टेंडर छह लाख रुपये का निकाला गया. उन्होंने बताया कि पहला टेंडर कैंसिल कर दिया गया है. दोबारा टेंडर निकालने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
सच है कि नाला नहीं होने के कारण जलजमाव की स्थिति बनी है. स्थानीय लोग भी इसके निदान में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं. इधर,मध्य विद्यालय खरखुरा के प्रधानाध्यापक राज्यश्री कुमारी ने भी जलजमाव को लेकर डीएम व जिला शिक्षा पदाधिकारी को पांच अक्तूबर को पत्र दिया है.
