फतेहपुर/गुरुआ : किसी मुकाम को पाने के लिए सच्चे मन से कड़ी मेहनत की जाये, तो सफलता खुद ब खुद कदम चूमती है. साधारण किसान के घर पैदा हुए रूपक देव राज ने इस बानगी को सही साबित किया है. प्रखंड की बारा पंचायत के पिपरा गांव के रहनेवाले रविभूषण सिंह व अनिता देवी के पुत्र ने जेइइ एडवांस में जनरल कैटेगरी में 7538वां स्थान प्राप्त किया है.
रूपक की इस सफलता पर इलाके के लोग खुश हैं. गरीब किसान के पुत्र ने अभाव में रहने के बाद भी अपनी मंजिल को पाने के लिए रात-दिन लगन से पढ़ाई की थी. रूपक ने बताया कि उसके पापा का सपना था कि वह ऐसा कुछ करे, जिससे गांव-जवार का भी नाम हो. पढ़ाई के लिए उसके परिवार ने हर संभव मदद की.
इस कारण ही आज वह इस मुकाम को हासिल कर सका है. रूपक के पिता ने बताया कि पढ़ाने में वह काफी मेधावी है. दसवीं में भी अच्छा रिजल्ट हासिल किया था. इंटर बिहार बोर्ड से करते हुए 76 प्रतिशत अंक लाया था.
रूपक ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है. यह भी कि वह यूपीएससी की भी तैयारी करेगा.उधर, गुरुआ के नक्सलग्रस्त इलाका भरौंधा के रहनेवाले ग्रामीण चिकित्सक गजेंद्र कुमार के पुत्र शशिभूषण कुमार ने जेईई के ओबीसी कोटे में 1441वां स्थान हासिल किया है. शशिभूषण ने बताया कि इस सफलता में उनके पिता और माता का योगदान महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि जनरल कैटेगरी में उन्हें 7933वां स्थान प्राप्त हुआ है. उनके मुताबिक, वह आगे बढ़ कर नौकरी के साथ-साथ समाज सेवा भी करना चाहते हैं.
