बिजली विभाग की कार्यप्रणाली का ही यह नतीजा है कि दर्जनों उपभोक्ताअों को सात-आठ माह से बिजली बिल नहीं मिल पा रहा है. ऐसे उपभोक्ता लगातार विद्युत विभाग के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, मगर उनकी कोई नहीं सुन रहा है. बाध्य होकर उपभोक्ता कार्यालय से नजदीकी संपर्क रखने वाले लोगों से पैरवी करा कर तत्काल बिल तैयार करवा कर एक साथ पांच से छह माह अौर कुछ दो-तीन माह का बिल कार्यालय से जेनेरेट करवा कर विभागीय झमेले से अपना पिंड छुड़ाने में ही भलाई समझ रहे हैं.
गठबंधन के लिए दो बार ही गुंबद पर चढ़ सकेंगे एक भंडारी
देवघर : अब बाबा मंदिर में श्रद्धालु दिन भर गठबंधन नहीं चढ़ा सकेंगे. अब गठबंधन के लिए समय सीमा तय की जायेगी. मंदिर प्रभारी अंजनी कुमार दुबे ने सहायक प्रभारी सत्येंद्र चौधरी को इसे अमल में लाने का निर्देश दिया है. जल्द ही मंदिर प्रशासन पुरोहित समाज के साथ बैठक कर इसे लागू करने के लिए सहमति बनाने पर विचार कर रहा है. मंदिर प्रभारी के अनुसार, दिनभर मंदिर में भंडारी बाबा व मां पार्वती के गुंबद पर चढ़ते उतरते नजर आते हैं.
इससे गुंबद पर लगातार भार पड़ता है. इससे मंदिर को नुकसान भी हो रहा है. इसलिए अब गठबंधन चढ़ाने के लिए दिनभर में एक भंडारी के दो बार ही मंदिर पर चढ़ने की अनुमति होगी. इसके लिए समय निर्धारित की जायेगी. यह देखने के लिए एक आदमी को ड्यूटी पर भी लगाया जायेगा. फिलहाल एक भंडारी के दो बार ही मंदिर पर चढ़ने की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया है. बाद में बैठक के बाद समय पर चर्चा के पश्चात निर्णय लिया जायेगा.
बगैर अनुमति के नहीं मिलेगा बाबा मंदिर का लाइव फुटेज
देवघर. बाबा मंदिर में सुरक्षा के लिए लगाये गये सीसीटीवी कैमरों का फुटेज लेना अब आसान नहीं होगा. इसके लिए डीसी का आदेश लेना होगा. अगर बगैर अनुमति के लाइव फुटेज किसी को दिया गया, तो संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी. इसे लेकर बाबा मंदिर प्रभारी अंजनी कुमार दुबे ने मंदिर के सीसीटीवी संचालक सुबोध वर्मा को आवश्यक निर्देश दिये हैं. कहा है कि इस सिस्टम का पासवर्ड किसी भी कीमत में लीक नहीं हो. जल्द ही इसकी सुरक्षा की व्यवस्था की जायेगी. लाइव फुटेज लेने का अधिकार उसी को होगा, जो इसके लिए मंदिर को पैसे चुकायेगा. जल्द ही इसके लिए टेंडर किया जायेगा. टेंडर की प्रक्रिया को पूरा करने काम जारी है. लाइव जिसे देखना है, मंदिर में चल रहे लाइव को देखे. एलइडी से लाइव रिकॉडिंग करे, लेकिन मंदिर के सिस्टम से ओरिजनल कॉपी बाहर बिना आदेश के नहीं दिया जाये.
