गर्मी मे ''लू'' से बचाव के लिए रसीले व मौसमी फलों का करें सेवन : डॉ प्रांशु

डायबिटीज रोगियों को रसीले फलों से बचने की दी सलाह गया : गर्मी व लू के मौसम में रसीले और मौसमी फलों का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए. इन फलों के सेवन से शरीर को प्रचुर मात्रा में पानी के साथ-साथ विटामिंस व प्रोटीन मिल जाता है. इससे लू लगने का खतरा काफी कम […]

डायबिटीज रोगियों को रसीले फलों से बचने की दी सलाह

गया : गर्मी व लू के मौसम में रसीले और मौसमी फलों का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए. इन फलों के सेवन से शरीर को प्रचुर मात्रा में पानी के साथ-साथ विटामिंस व प्रोटीन मिल जाता है. इससे लू लगने का खतरा काफी कम जाता है. उक्त बातें एक विशेष मुलाकात में हृदय और औषधि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रांशु कुमार ने कही. उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में फलों के साथ-साथ छाछ का सेवन करना भी लाभप्रद होता है. इन पदार्थों के सेवन से शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिंस, प्रोटीन व पानी मिल जाता है. इससे डिहाइड्रेशन होने की आशंका कम जाती है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा गन्ने का जूस भी गर्मी के मौसम में पीना फायदेमंद रहता है.
उन्होंने बताया कि गन्ने के जूस में प्रचुर मात्रा में फैक्टोज होता है जिसे आम बोलचाल की भाषा में कार्बोहाइड्रेट कहते हैं. यह शरीर को तुरंत उर्जावान कर देता है. पूछने पर डॉक्टर कुमार बताया कि डायबिटीज रोगियों को रसीले फलों का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसे लोगों को गर्मी व लू से बचने के लिए छाछ व कम रसीले फलों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा.
प्रचुर मात्रा में करें पानी का सेवन, सफाई का भी रखें ध्यान
डॉक्टर प्रांशु कुमार ने बताया कि लू से बचने के लिए सबसे पहले तो जब घर से बाहर निकलें तो हल्के रंग के कपड़े को पहन कर ही निकले. गहरे रंग में सन लाइट आब्जर्वर करने की क्षमता अधिक होने से शरीर को अधिक उर्जा प्रदान कर देता है. इससे लू लगने का खतरा बढ़ सकता है. प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करने से भी लू के खतरे को टाला जा सकता है.
इसलिए घर से निकलते समय अधिक मात्रा में पानी का सेवन कर लेना चाहिए..उन्होंने बताया कि कुछ भी सेवन करने से पूर्व हाथों को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए. बाजारों में कुछ भी सेवन करने से पहले वहां की साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें. डिहाइड्रेशन होने पर ओआरएस का उपयोग दस्त के तुरंत बाद से शुरू कर देना लाभप्रद होता है. इन सावधानियों के बावजूद यदि डिहाइड्रेशन हो जाता है तो अस्पतालों में इलाज करना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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