अब तक चुनाव को लेकर किसी तरह की नहीं शुरू की गयी प्रक्रिया
बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) में छात्र संघ सेंट्रल पैनल का चुनाव अब अधर में लटक गया है. 31 मार्च को चुनाव कराने की तिथि पहले से तय है, पर अब तक चुनाव को लेकर किसी तरह की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है. इसके पीछे मुख्य वजह यह रही कि पिछले 17 मार्च को विभिन्न कॉलेजों व एमयू मुख्यालय में संपन्न हुए छात्र संघ चुनाव के बाद कुछ कॉलेजों में चुनाव को लेकर आपत्ति दर्ज करायी गयी व कुछ काॅलेजों में चुनाव भी नहीं हो पाये. साथ ही मतदान को भी रद्द कर दिया गया था.
इस मामले को लेकर आरोप लगानेवाले प्रत्याशी व छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेताओं ने एमयू के डीएसडब्ल्यू कार्यालय में धरना दिया व इसके बाद उनकी मांगों को एमयू के शिकायत कोषांग में रखा गया. कई बैठकों के टलने के बाद अंतत: शिकायत कोषांग की बैठक हुई. हालांकि, फिलहाल बैठक में लिये गये निर्णय पर कुलपति की सहमति प्राप्त नहीं हुई है, पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कोषांग की बैठक में आरोप लगानेवाले छात्रों की मांगों को खारिज कर दिया गया है.
मगध क्षेत्र के ही निर्वाचित प्रतिनिधियों से ही चुनाव कराने का लग रहा कयास
अब तक शिकायत कोषांग के निर्णय पर कुलपति का अनुमोदन नहीं होने व सेंट्रल पैनल के चुनाव की तिथि करीब आते देख एमयू प्रशासन ने इस संबंध में राज्यपाल सह कुलाधिपति कार्यालय से चुनाव कराने को लेकर दिशा-निर्देश मांगा है. फिलहाल कुलाधिपति कार्यालय से किसी तरह का निर्देश एमयू प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है. कयास लगाया जा रहा है कि मगध क्षेत्र के कॉलेजों से निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से सेंट्रल पैनल का चुनाव कराने की इजाजत मिल सकती है. शेष काॅलेजों को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के साथ जोड़ा जा सकता है.
बहरहाल, अटकलों का बाजार काफी गर्म है कि सेंट्रल पैनल के चुनाव की तिथि घोषित होते व चुनाव संपन्न होते-होते जुलाई न आ जाये और छात्र संघ का नया सत्र शुरू हो जाये. इस बारे में एमयू के डीएसडब्ल्यू डॉ सत्यरतन प्रसाद सिंह ने बताया कि शिकायत कोषांग की बैठक में लिये गये निर्णय पर कुलपति की सहमति प्राप्त करनी है व सेंट्रल पैनल चुनाव को लेकर राजभवन से दिशा-निर्देश मांगी गयी है.
