टीचर ही नहीं, तो फिर पढ़ायेगा कौन ? नौ से अधिक गांवों के लोग हुए लाभान्वित

इमामगंज : सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीआरपीएफ के अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित सेवती, दुधमटिया, कनरगढ, इमनावाद, सिवाबतेसा, तेलवारी, पूर्णाडीह, झगरा व सलैया सहित अन्य गांव की महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बेरोजगार ग्रामीणों को मोमबत्ती व पत्तल बनाने बनाने का प्रशिक्षण देने के बाद मशीन का वितरण किया गया. क्या कहते हैं […]

इमामगंज : सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीआरपीएफ के अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित सेवती, दुधमटिया, कनरगढ, इमनावाद, सिवाबतेसा, तेलवारी, पूर्णाडीह, झगरा व सलैया सहित अन्य गांव की महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बेरोजगार ग्रामीणों को मोमबत्ती व पत्तल बनाने बनाने का प्रशिक्षण देने के बाद मशीन का वितरण किया गया.

क्या कहते हैं लोग
सिविक एक्सन प्रोग्राम के तहत सीआरपीएफ के द्वारा प्रशिक्षण देने के बाद मोमबत्ती बनाने का मशीन के अलावे रॉ मेटेरियल भी मिला है. उन्होंने बताया कि अब मोमबत्ती बना कर बाजार में बेच कर आर्थिक रूप से सबल बनूंगी.
प्रतिमा कुमारी, सोहया-पकरी गांव
विद्यालय में सीआरपीएफ के द्वारा पुस्तकालय खोला गया है. इस पुस्तकालय में अच्छी-अच्छी पुस्तकें हैं. इसे पढ़ कर मैं अच्छी अधिकारी बन कर समाज के साथ प्रखंड का नाम रोशन करना चाहती हूं.
चांदनी परवीन, छात्रा
दिव्यांग रहने के कारण मैं घर में ही रहती थी. लेकिन, सीआरपीएफ ने मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण देकर सबल बनाया और मशीन भी उपलब्ध करायी. मेहनत कर कर समाज को मैसेज देना चाहती हूं कि दिव्यांग भी किसी से कम नहीं हैं.
कलावती कुमारी, झगरा गांव
घर में खाना बनाने के बाद कोई काम नहीं रहता है. अब मोमबत्ती बनाने की मशीन सीआरपीएफ ने दी है. अब खाली समय में मोमबत्ती बना कर आर्थिक रूप से मजबूत होने से कोई रोक नहीं सकता है.
कल्पना प्रसाद, सलैया गांव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >