विद्यार्थियों की संख्या सैकड़ों में, लेकिन शिक्षक महज दो !
इमामगंज : उत्क्रमित उच्च विद्यालय सलैया में सोमवार को आयोजित सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीआरपीएफ के अफसरों ने स्कूल की छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनीं. पठन-पाठन संबंधी वास्तविक पीड़ा को सुन सीआरपीएफ के डीआइजी के सज्जाउद्दीन सहित अन्य वरीय अधिकारी अचरज में पड़े गये. सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों के पास छात्राओं के सवालों का जवाब […]
इमामगंज : उत्क्रमित उच्च विद्यालय सलैया में सोमवार को आयोजित सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सीआरपीएफ के अफसरों ने स्कूल की छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनीं. पठन-पाठन संबंधी वास्तविक पीड़ा को सुन सीआरपीएफ के डीआइजी के सज्जाउद्दीन सहित अन्य वरीय अधिकारी अचरज में पड़े गये. सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों के पास छात्राओं के सवालों का जवाब देने के लिए कुछ भी नहीं था. सभी अधिकारी छात्राओं की सवालों पर एक-दूसरों का मुंह ताक रहे थे.
वे छात्राओं को क्या जवाब दें, उन्हें कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था.
नौवीं कक्षा में पढ़नेवाली छात्रा चांदनी परवीन व सुप्रिया कुमारी ने डीआइजी से कहा कि सरकार ने उनके गांव में बढ़िया और सुंदर स्कूल बिल्डिंग बनवायी लेकिन, पर्याप्त संख्या में संबंधित स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करना वह भूल गयी. ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ायेगा कौन? यह एक बड़ा सवाल है. स्कूल में दो ही शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या सैकड़ों में है. बच्चे बड़े बेबाकी से अधिकारियों से सवालों पर सवाल करते जा रहे थे. इस बीच एक छात्रा उदास हो गयी और उसका गला भारी होने लगा. उसने अधिकारियों से निवेदन करते हुए कहा कि अब आप ही हमारे भविष्य को संवार सकते हैं. अगर संभव हो तो शिक्षक की व्यवस्था करा दें. इतनी बातें बोल उस छात्रा की आंखें में आंसू आ गये. इस पर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने पढ़ाई-लिखाई के प्रति उनके हौसले को प्रोत्साहित करते हुए उनकी समस्या का निबटारा करने का आश्वासन दिया. इसके बाद जब अधिकारी वहां से जाने लगे तो कई छात्राएं उन्हें ऐसे से देख रही थीं कि उनकी समस्याओं का निबटारा करनेवाला मसीहा अब उनसे दूर जा रहा है.