गया : पिछले चार दिनों के अंदर निगम के दो सफाई मजदूरों की अलग-अलग जगहों पर गोली मार कर हत्या कर दी गयी है. जिला पुलिस पहली हत्या की गुत्थी सुलझा भी नहीं पायी थी कि दूसरी हत्या की घटना सामने आ गयी.
गौरतलब है कि पहली हत्या कुंदन कुमार की मंगलवार की सुबह गोलबगीचा देवी स्थान के पास बीच सड़क पर गोली मार कर दी थी. उसके बाद गुरुवार की देर रात मुन्ना मांझी की मानपुर इलाके में हत्या कर दी गयी. इससे पहले निगम के ड्राइवर संजय कुमार की बेटी तन्नू की आठ फरवरी को अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी थी. निगम कार्यालय में सुबह से ही चर्चा होती रही कि अपराधी सिर्फ नगर निगम कर्मचारियों को ही टारगेट कर रहे हैं. एक-दो कर्मचारी यह भी चर्चा करते सुने गये कि लगता है कि निगम पर किसी को श्राप पड़ा है.
शोकसभा आयोजित कर मजदूर को दी गयी श्रद्धांजलि : निगम के वार्ड नंबर 51 के जॉब कार्ड के सफाई मजदूर मुन्ना मांझी की हत्या के बाद शुक्रवार को निगम सभागार में शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद एक दिन के लिए कार्यालय बंद कर दिया गया. इस मौके पर अमृत प्रसाद ने कहा कि पूरे जिला का प्रशासन अपराधियों को कंट्रोल करने में पूरी तौर से विफल है. हमलोग को शहर की चिंता करने की सीख सब लोग देते हैं. हमलोग मरते रहें और लोगों का काम करते रहें. अब ऐसा नहीं चलनेवाला है.
बड़ा आदमी मरता है, तो पूरे नेता व अधिकारी पहुंच जाते हैं. निगम कर्मचारियों के घरों में तीन हत्याएं हुई लेकिन यहां स्थानीय विधायक के साथ निगम के मेयर व अधिकारी अब तक कुछ कहने के स्थिति में नहीं है. संवेदना व्यक्त करने के लिए एक बात तक लोग बोलने से कतरा रहे हैं. अब अपनी लड़ाई लड़ने के लिए खुद ही कर्मचारी रोड पर उतरेंगे.
शनिवार को हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला जायेगा. इसके बाद 26 मार्च को विराट प्रदर्शन किया जायेगा. इतने में भी स्थिति नहीं संभली तो पूरे शहर में चक्का जाम कर दिया जायेगा. श्री प्रसाद ने कहा कि निगम का कर्मचारी मारा गया है उसके घर में दाह-संस्कार के लिए पैसा तक नहीं है. निगम की ओर से भी एक रुपया नहीं दिया गया है. इस मौके पर सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता, लेखा पदाधिकारी गौतम कुमार, सफाई प्रभारी शैलेंद्र कुमार व राजस्व पदाधिकारी विजय कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे.
