पति-पत्नी हत्या मामले में आठ गिरफ्तार, तीन हिरासत में

एफएसएल की टीम ने मृतकों के खून के सैंपल से आरोपितों के नाखून व कपड़ों का कराया मिलान हत्या के पीछे ओझा-गुणी का जुड़ा हुआ है मामला फाॅरेंसिक एक्सपर्ट का कहना है कि पकड़े गये आरोपितों से हो चुकी कारणों की पुष्टि इमामगंज : थाना क्षेत्र में दोहरे हत्या मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते […]

एफएसएल की टीम ने मृतकों के खून के सैंपल से आरोपितों के नाखून व कपड़ों का कराया मिलान

हत्या के पीछे ओझा-गुणी का जुड़ा हुआ है मामला

फाॅरेंसिक एक्सपर्ट का कहना है कि पकड़े गये आरोपितों से हो चुकी कारणों की पुष्टि

इमामगंज : थाना क्षेत्र में दोहरे हत्या मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया है. हिरासत में लिये गये लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है. पकड़े गये आरोपितों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जायेगा. इस बात की जानकारी डीएसपी राजकुमार तिवारी और थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने दी. उनके मुताबिक हत्या के पीछे अंधविश्वास व डायन-ओझा-गुणी का मामला जुड़ा है.

उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश कुछ ही दिन पहले गांव में बीते दिनों कराये गये मारुति महायज्ञ के दौरान पिंटू चौधरी और घनश्याम चौधरी के द्वारा रची गयी थी.

एफएसएल की टीम ने की जांच : थाना क्षेत्र के छोटकी बगाही गांव के रहने वाले पति–पत्नी मनोज दास और आशा देवी की हत्या मामले को सुलझाने के लिए पटना से एफएसएल की जांच टीम सोमवार को इमामगंज पहुंची. जहां मृतक के खून के साथ हिरासत में लिए गये लोगों के नाखून व कपड़े व अन्य तरह से बारीकी के साथ मिलान किया गया. इसके बाद घटनास्थल का भी जांच टीम ने मुआयना किया और जांच से जुड़े अहम तथ्यों को एकत्रित किया.

इस संबंध में पूछे जाने जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि हत्या की घटना का लगभग पर्दाफाश चुका है. उन्होंने बताया कि कई तरह से जांच के बाद गिरफ्तार लोगों की संलिप्ता की पुष्टि हो चुकी है. बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के बगाही गांव में गुरुवार को दोहरी हत्या मामले के मुख्य आरोपित पिंटू चौधरी पूर्व में थाना क्षेत्र के कुंजेसर गांव में हुई एक हत्या का भी आरोपित रहा है. इस संबंध में थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2007 में कुंजेसर गांव के एक व्यक्ति की हत्या कर शव को पत्थर से बांध कर कुआं में डाल दिया गया था. उन्होंने बताया कि उस हत्या मामले में भी पिंटू चौधरी को आरोपित बनाया गया था.

मनोज दास का गला उसकी पत्नी के समक्ष ही रेत डाला था

थानाध्यक्ष ने बताया कि होलिका दहन (गुरुवार) के दिन साजिश के तहत दो लोगों को मनोज दास पर नजर रखने के लिए लगाये गये थे. मनोज दास होलिका दहन के बाद अपने घर को लौट आया था. उसी रात को 11 बजे हत्या में शामिल सभी लोग मृतक मनोज के घर के आसपास छिपे थे.

गांव के ही वीरेंद्र साव द्वारा मनोज के घर का दरवाजा खटखटाया गया. इस पर मनोज दास अपने घर से एक लाठी लेकर बाहर निकला तो दरवाजा खटखटा रहा वीरेंद्र साव भागने लगा. इसी बीच आसपास छिपे लोगों ने पीछे से मनोज दास को पकड़ कर घर के पास ही करीब 100 मीटर के दूर खेत में ले गये. घर से पति को अचानक लाठी लेकर निकलते देख पत्नी आशा देवी भी दौड़ते हुए पति के पास पहुंच गयी. पत्नी द्वारा काफी गिड़गिडाने के बाद भी अपराधी नहीं माने और पत्नी की आंखों के सामने ही मनोज का गला रेत दिया.

उन्होंने बताया कि घटना के समय मौके पर पत्नी आशा देवी के पहुंचने और हत्या करने वाले अपराधियों की पहचान का खुलासा हो जाने के भय से उन अपराधियों ने मनोज की पत्नी आशा देवी का भी गला रेत डाला. यही नहीं मृत पड़े हुए मनोज दास को अनुज साव ने अपने कंधे पर लाद लिया और पत्नी आशा देवी को बोरे में रखा और बोरे को घसीटते हुए इमामगंज प्रतापपुर मुख्य मार्ग स्थित वंशी गांव के निकट ले गया और सुनसान पड़े बधार की झाड़ियों में दोनों शवों को फेंक दिया.

थानाध्यक्ष श्री कुमार ने बताया कि प्राथमिकी के लिए दिये गये आवेदन में आठ नामजद अभियुक्त बनाये गये हैं. पुलिस ने हत्या में शामिल नामजद अभियुक्त बगाही गांव के रहने वाले वीरेंद्र कुमार, अनुज साव, श्रीचौधरी, छोटू दास, घनश्याम चौधरी, रामदेव दास व थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव के रहने वाले आनंद दास और राजू भारती को गिरफ्तार कर लिया है.

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