बाेधगया : बाैद्ध महाेत्सव शनिवार देर रात सांस्कृतिक धमाल के साथ संपन्न हाे गया. महाेत्सव के अंतिम दिन गायिका ममता शर्मा ने खूब तालियां बटाेरीं. इससे पहले श्रीलंका, म्यामांर के कलाकाराें ने अपनी नृत्य व गायन शैली से दर्शकाें का मन माेहा. इसके बाद नीलम चाैधरी ने कत्थक की प्रस्तुति कर अपनी भाव-भंगिमा से लाेगाें का दिल जीत लिया. मधुराष्ट्रकम ‘नैनं प्रियम, मधुरम प्रियम…’ की प्रस्तुति दी. गायिका ममता शर्मा ने जब ‘छाेड़-छाड़ के अपने सलीम की गली, अनारकली डिस्काे चली…’ गाया ताे दर्शक दीर्घा झूम उठा.
सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रमों से बाैद्ध महाेत्सव का समापन
बाेधगया : बाैद्ध महाेत्सव शनिवार देर रात सांस्कृतिक धमाल के साथ संपन्न हाे गया. महाेत्सव के अंतिम दिन गायिका ममता शर्मा ने खूब तालियां बटाेरीं. इससे पहले श्रीलंका, म्यामांर के कलाकाराें ने अपनी नृत्य व गायन शैली से दर्शकाें का मन माेहा. इसके बाद नीलम चाैधरी ने कत्थक की प्रस्तुति कर अपनी भाव-भंगिमा से लाेगाें […]

इसके बाद एक से एक नये फिल्मी गानाें का सिलसिला चल निकला. ‘मेरे रस्के कमर, तूने पहली नजर..’ छेड़ा ताे दर्शक भी डांस करने लगे. ममता की प्रस्तुति ‘जग घुमया थारे जैसा न काेय…’ आैर ‘यारा सिली-सिली विरह की रात में जलना…’ काे दर्शकाें ने खूब पसंद किया. अंत में डीडीडी राघवेंद्र सिंह ने बाैद्ध महाेत्सव के सफल आयाेजन के लिए सभी का धन्यवाद देते हुए महाेत्सव के समापन की घाेषणा की. उन्होंने कहा कि अगली बार इससे भी बड़ा आयोजन किया जायेगा.
‘मुंबई की न दिल्ली वालाें की, पिंकी है पैसाें वालाें की..’
बौद्ध महोत्सव में आये कलाकारों ने दर्शकों की मांग को भी पूरा किया. एक से एक गानाें में ‘मेरे हाेठाें काे सीने से यार, चिपका ले सैंया फेवीकाेल से…’, ‘तम्मा-तम्मा लाेगे तम्मा…’, सहित ‘मुंबई की न दिल्ली वालाें की, पिंकी है पैसाें वालाें की..’, आदि गानों की भी प्रस्तुति दी गयी, जो इस मंच के काबिल नहीं थी.