पड़ताल. बोधगया में बम लगाने पहुंचे थे पांच युवक
ड्राइवर ने यात्री समझ कर बोधगया पहुंचाने की बात स्वीकारी
बोधगया (गया) : पिछले 19 जनवरी को बोधगया में बम प्लांट करने पहुंचे पांचों युवकों की पहचान होने के बाद अब उस ऑटो की भी पहचान कर ली गयी है, जिस पर सवार होकर बम के साथ युवकों की टोली बोधगया पहुंची थी. पुलिस ने ऑटो पर की गयी कोडिंग के माध्यम से ऑटो को गया शहर से ढूंढ निकाला और उसके ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऑटो की कोडिंग चंदौती थाना के माध्यम से की गयी है व उसके अगले हिस्से में अंकित कोड के माध्यम से उसे पकड़ा गया. इसके बाद ऑटो चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी. पता चला है कि 19 जनवरी को दोपहर बाद करीब चार बजे पांचों युवक शहर के घुघरीटांड़ के पास बोधगया जाने के लिए ऑटो पर सवार हुए थे. इसके बाद वे राजापुर मोड़ के पास बने ऑटो स्टैंड तक पहुंचे थे. यहां से उन्होंने ई-रिक्शा का सहारा लिया था और रिक्शे पर बैठ कर बर्मा मोड़ के पास रिक्शे से उतर गये थे.
इसके बाद तीन युवक बर्मा मोड़ से कालचक्र मैदान वाली सड़क पर चलने लगे और आगे बढ़ कर उनमें से दो पीएचसी कैंपस व जगन्नाथ मंदिर होते महाबोधि मंदिर के बाहर लाल पत्थर तक पहुंचे थे. एक युवक सीधे कालचक्र मैदान की दिशा में आगे बढ़ चुका था. उधर, बर्मा मोड़ के पास रिक्शा से उतरे दो युवक हाथ में थैला लेकर बड़े ही आराम से नगर पंचायत के कार्यालय से होते हुए गांधी चौक और उसके बाद लाल पत्थर तक पहुंच चुके थे. सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि गांधी चौक के रास्ते लाल पत्थर तक पहुंचे दोनों युवकों ने महाबोधि मंदिर के मुख्य द्वार के पास काफी देर तक खड़े होकर किसी का इंतजार किया. इसके बाद वे आगे बढ़े. हालांकि, ऑटो ड्राइवर ने अपनी याददाश्त के आधार पर युवकों की तो पहचान कर ली है, पर उन्हें केवल यात्री के रूप में ही समझते हुए बोधगया तक पहुंचाने की बात स्वीकार किया है. वैसे युवकों की तस्वीर को अगले कुछ ही दिनों में सार्वजनिक किये जाने की तैयारी जारी है ताकि उसे देश के किसी भी कोने से ढ़ूंढ़ निकाला जा सके.
