सीएस आॅफिस में वर्षों से जमे हैं क्लर्क आयुक्त ने दिया ट्रांसफर का आदेश

गया : सिविल सर्जन कार्यालय में वर्षों से जमे हुए लिपिकों पर अब प्रमंडलीय आयुक्त की नजर है. आयुक्त इन सभी के ट्रांसफर आदेश देने की तैयारी में है. लोक शिकायत निवारण के मामलों की सुनवाई के दौरान सीएस आॅफिस में जमा इन लिपिकों द्वारा की जा रही गड़बड़ी के मामले सामने आ गये हैं. […]

गया : सिविल सर्जन कार्यालय में वर्षों से जमे हुए लिपिकों पर अब प्रमंडलीय आयुक्त की नजर है. आयुक्त इन सभी के ट्रांसफर आदेश देने की तैयारी में है. लोक शिकायत निवारण के मामलों की सुनवाई के दौरान सीएस आॅफिस में जमा इन लिपिकों द्वारा की जा रही गड़बड़ी के मामले सामने आ गये हैं. प्रमंडलीय आयुक्त ने अभी दो लिपिकों का ट्रांसफर आदेश सिविल सर्जन को दिया है.

आयुक्त के सचिव द्वारा जांच के बाद जारी रिपोर्ट में यह कहा गया है कि सिविल सर्जन कार्यालय में ऐसे दर्जनों क्लर्क हैं जो लगभग 10-15 वर्षों से यहां जमा हैं. इन लोगों ने सिविल सर्जन कार्यालय के वातावरण को खराब कर रखा है, इसके साथ ही इन लोगों द्वारा कार्यालय की गोपनीयता को भी सार्वजनिक किया जाता है. जानकारी के मुताबिक सचिव की इस रिपोर्ट को प्रमंडलीय आयुक्त ने गंभीरता से लिया है. जल्द ही सभी लिपिकों को ट्रांसफर करने का आदेश सिविल सर्जन को दिया जा सकता है.

दो क्लर्क के ट्रांसफर का आदेश : मीर अबू सलेह रोड निवासी शशिभूषण ने प्रमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय में लंबे समय से जमा इन कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. इन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत तीन लिपिक ब्रह्म प्रकाश, अजय कुमार (वरीय) व अजय कुमार (कनीय) के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. सभी पक्षों की सुनवाई व जांच के बाद आयुक्त ने जो आदेश जारी किया. उसमें उन्होंने कहा कि ब्रह्म प्रकाश के ट्रांसफर का आदेश पहले ही जारी कर दिया गया है.
जहां तक अजय कुमार (वरीय) का मामला है, इन पर यह आरोप है कि यह लंबे समय से एक कार्यालय में काम कर रहे हैं. इस मामले में जांच के बाद आयुक्त के सचिव ने जो रिपोर्ट पेश किया है उसमें उन्होंने कहा कि अजय कुमार (वरीय) की नियुक्ति पर कोई कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है,लेकिन यह लिपिक 19 साल छह महीने से एक ही परिसर में पदस्थापित हैं. इसके साथ ही इनके विरुद्ध अन्य व्यक्तियों से संबंधित संचिका गायब करने के मामले में एफआइआर दर्ज है.
ऐसे में इनका इस कार्यालय में रहना सही नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अजय कुमार वरीय लिपिक हैं, इनकी ड्यूटी क्षेत्रीय अपर निदेशक के कार्यालय में लगायी जा सकती है. रिपोर्ट को आधार मानते हुए आयुक्त ने सिविल सर्जन को इस लिपिक को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है. एक अन्य लिपिक अजय कुमार (कनीय) के मामले में यह पाया गया कि यह लिपिक भी 11 साल छह महीने से यहां जमा है. इन्हें भी ट्रांसफर करने का आदेश आयुक्त ने जारी किया है.
दूसरे लिपिकों के खिलाफ भी
होगी कार्रवाई
प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें उन्होंने तीन और क्लर्क फैजल, आदिल व यासमीन का नाम लिया है. उन्होंने कहा कि इन लिपिकों ने पूरे सिविल सर्जन कार्यालय के माहौल को खराब कर रखा है. प्रशासनिक दृष्टिकोण से इन तीनों कर्मचारियों को भी सिविल सर्जन कार्यालय से हटा कर दूसरी जगह पर भेजे जाने पर विचार किया जायेगा. इस संबंध में आयुक्त के स्तर सिविल सर्जन को पत्र भेजा जा सकता है. इस मामले के आने के बाद सिविल सर्जन कार्यालय में चल रही गड़बड़ी की बात स्पष्ट हो गयी है.
एक क्लर्क पर हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले सिविल सर्जन कार्यालय में लंबे समय से जमे एक क्लर्क ब्रह्म प्रकाश के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने ट्रांसफर का आदेश जारी किया था. उनके आदेश के बाद तत्कालीन सिविल सर्जन डाॅ बबन कुंवर ने उनका ट्रांसफर कोंच के कावर में बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया. बेलागंज के महेश शर्मा ने इस क्लर्क के खिलाफ लोक शिकायत केंद्र में शिकायत दर्ज करायी थी. उन्होंने इस क्लर्क द्वारा कई प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत की थी, साथ ही एक ही जगह पर पोस्टिंग पर भी सवाल खड़ा किया था. प्रमंडलीय आयुक्त ने इस मामले को भी बेहद गंभीरता से लिया था व इस क्लर्क को तुरंत ट्रांसफर करने का आदेश सिविल सर्जन को जारी कर दिया था.

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