बौद्धों के संवैधनिक अधिकारों व राष्ट्रीय समस्याओं को लेकर बोधगया में छठी राष्ट्रीय बौद्ध धम्म संसद का आयोजन
बोधगया : बौद्धों के संवैधानिक अधिकारों व राष्ट्रीय समस्याओं को लेकर बोधगया स्थित इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में शुक्रवार को छठी राष्ट्रीय बौद्ध धम्म संसद शुरू हुई. बौद्ध संगठनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से करीब 250 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
धम्म संसद के संदर्भ में समिति के मुख्य सलाहकार डॉ भिक्खु सत्यपाल महाथेरा ने बताया कि बौद्धों की विभिन्न समस्याओं के समाधान व उनके संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त करने को लेकर धम्म संसद का आयोजन किया जाता है. उन्होंने बताया कि 20 सूत्री मांगों को लेकर यह समिति राज्य व केंद्र सरकार से अपनी बात रखते आ रही है व कुछ मांगों को पूरा भी किया जा रहा है. समय के हिसाब से अन्य मांगों पर भी विचार होने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि महाबोधि मंदिर का प्रबंधन पूर्ण रूप से बौद्धों के हाथों में सौंपने की मांगों के साथ ही महाबोधि मंदिर के पास स्थित तारीडीह उत्खनन स्थल का विकास करने की मांगे शामिल हैं. इसके अलावा पूर्वी चंपारण स्थित प्राचीन केसरिया बौद्ध स्तूप का संरक्षण, बोधगया तक मेट्रो रेल कॉरीडोर, बोधगया में बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था, बुद्धिष्ट सर्किट के लिए सुपरफास्ट ट्रेन व अन्य मांगें शामिल हैं. साथ ही, बौद्ध विवाह मान्यता कानून, बुद्धिष्ट मोनास्टरी एक्ट व अन्य मांगों को पूरा कराने को लेकर आयोजित धम्म संसद में चर्चा की जायेगी.
