समस्या. पूर्वी शास्त्रीनगर के रोड नंबर एक में जलजमाव
गया : जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) ने तीन साल पहले पूर्वी शास्त्रीनगर के रोड नंबर एक में मुहल्ले का पानी निकालने के लिए नाला निर्माण कराया था. नाला निर्माण के बाद लोगों की परेशानी दूर होने के बजाय बढ़ गयी. नाले का गंदा पानी सड़क पर जमा हो गया. लोगों का कहना है कि इस नयी समस्या के समाधान के लिए जिले के सभी अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक गुहार लगा चुके हैं. लेकिन हर जगह से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.
नाला निर्माण कार्य की जांच व समस्या समाधान के लिए पहल शुरू नहीं की गयी. लोग अब तक गंदा पानी से होकर गुजर रहे हैं. थोड़ी सी बारिश होने पर ही नाले का पानी लोगों के घरों तक पहुंचने लगता है. रिहायशी इलाका के नाम से प्रसिद्ध मुहल्ला के लोग नारकीय स्थिति में रहने को विवश हैं. जानकारी के अनुसार मुहल्ला में डॉक्टर व इंजीनियरों का ही अधिक मकान है.
तीन वर्षों में बह गये 12 लाख : लोगों का कहना है मुहल्ले से पानी निकालने के लिए 12 लाख रुपये खर्च किये गये. इसका कोई लाभ लोगों को नहीं मिला. आखिर यह पैसा आम लोगों का ही था, इसकी जांच करने व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी नये नाले निर्माण के लिए 28 लाख से अधिक का प्राक्कलन बना दिया है. जिला लोक शिकायत निवारण केंद्र में 22 अगस्त 2016 को आदेश पारित कर डूडा के अभियंता को योजना का प्राक्लन तैयार करने का आदेश दिया. इसके बाद डूडा के इंजीनियर द्वारा 28.26 लाख रुपये का प्राक्लन तैयार किया गया है. इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ सका है. प्रमंडलीय आयुक्त के पास शिकायत के जवाब में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत योजना को लिया गया है. लोगों का कहना है कि इस योजना के तहत काम होने में वर्षों लग जायेगा.
अंडरग्राउंड नाला हुआ बेकार
लोगों के अनुसार, 45 साल पहल मुहल्ला वालों ने अपनी परेशानी को देखते हुए आपस में चंदा कर अंदर ग्राउंड नाला का निर्माण मुहल्ले में कराया था. लोगों ने बताया कि तीन साल पहले तक मुहल्ले में जलजमाव की समस्या नहीं होती थी. डूडा द्वारा मुहल्ले के पानी को निकालने के लिए नाले का निर्माण कराया गया, उसके बाद ही यह समस्या उत्पन्न हुई है. नये नाले का निर्माण इस ढंग से किया गया कि उससे पानी निकलने का नाम ही नहीं लेता है. पूरी तौर से पानी मुहल्ले में जमा रहता है.
प्रयास कर थक गये, पर समस्या बरकरार
समस्या के समाधान के लिए हर तरह का प्रयास कर हमलोग थक चुके हैं. इस बार जलजमाव से निजात पाने के लिए चंदा कर कच्चा नाला भी बनाया गया. वह भी भारी बारिश में यहां के लिए कारगर साबित नहीं हुआ. निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
लाल नरेश नंदन
1964 से हमलोग मुहल्ले में रह रहे हैं. अंदर ग्राउंड नाला निर्माण आपस में चंदा कर किया गया था. उस वक्त से यहां जलजमाव की समस्या नहीं होती थी. मुहल्ले के नाले का पानी अंदर ग्राउंड नाला से पीछे खाली पड़े जमीन में बहता था. आबादी बढ़ने के साथ नाला निर्माण डूडा ने कराया. जो पूरी तौर से फेल हो गया.
राम सकल सिंह
