पांच फुट की दुकान, इतना ही सड़क के किनारे कब्जा

दुस्साहस. हफ्ते भर पहले हटा था अतिक्रमण, स्थिति पूर्ववत कई इलाकों में अब तक नहीं चला है अभियान अभियान चलाने के अगले दिन ही दोबारा कर लेते हैं अतिक्रमण गया : पांच फुट की स्थायी दुकान, इतने ही माप का सड़क किनारे अतिक्रमण, शहर में यह प्रचलन आम दिखता है. शहर में ज्यादातर दुकानदार अपनी […]

दुस्साहस. हफ्ते भर पहले हटा था अतिक्रमण, स्थिति पूर्ववत

कई इलाकों में अब तक नहीं चला है अभियान
अभियान चलाने के अगले दिन ही दोबारा कर लेते हैं अतिक्रमण
गया : पांच फुट की स्थायी दुकान, इतने ही माप का सड़क किनारे अतिक्रमण, शहर में यह प्रचलन आम दिखता है. शहर में ज्यादातर दुकानदार अपनी दुकान की सजावट अतिक्रमित जमीन के सहारे ही करते हैं. जानकारों का कहना है कि इसकी जानकारी जिले के अधिकारियों को है, इसके बाद भी सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सख्त अभियान नहीं चलाया जाता है. गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से नगर निगम के आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन, हकीकत यह है कि जिस सड़क से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है,
दूसरे दिन ही वहां पूर्ववत की स्थिति हो जाती है. इसके बाद निगम का कोई भी अधिकारी इस अोर ध्यान नहीं देता है. ऐसा लगता है कि नगर निगम के अधिकारियों को सिर्फ अभियान के नाम पर खानापूर्ति करने से मतलब रह गया है. इस संबंध में लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर फुटपाथी दुकानदारों को हटाया जा रहा है. अतिक्रमण के कारण परेशानी नहीं होने वाली जगह पर सिर्फ अभियान चलाया गया है. इस दौरान कई जगह पर अधिकारियों को लोगों का विरोध भी झेलनी पड़ी है. परैया के राशन व्यवसायी रमेश कुमार का कहना है कि महीने में एकाध दिन ही यहां सामान खरीदने पहुंचता हूं. कुछ भी सामान खरीद पाता हूं, क्योंकि पूरा दिन जाम के कारण बेकार हो जाता है. इसके कारण ज्यादातर कारोबार अब फोन के माध्यम से ही होता है. उन्होंने बताया कि फोन से सामान का ऑर्डर देने पर यहां के दुकानदारों की मनमानी चलती है. इधर, पंचानपुर के मुकेश कुमार ने बताया कि शहर से अच्छा हमारा छोटा बाजार ही है. कम से कम लोग अपने वाहन से दुकान तक पहुंच सकते हैं. पुरानी गोदाम में तो पैदल भी सामान खरीदारी के लिए पहुंचना मुश्किल है. खिजरसराय के मनोज कुमार का कहना है कि पहले पुरानी गोदाम से सामान लेने में परेशानी होती है उसके बाद मानपुर पार करने के लिए कई घंटों तक जाम का सामना करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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