गया जी में गरीब छात्राओं के निवाले पर डाका! एक्शन में शिक्षा विभाग

Gaya Ji KGBV Scam : गया के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तरवां में फर्जी हाजिरी, पोषण सामग्री में गड़बड़ी और छात्राओं के अधिकारों के हनन का मामला सामने आया है

गया जी से हरिबंश कुमार की रिपोर्ट
Gaya Ji KGBV Scam: गया जी जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) तरवां में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. जिलास्तरीय जांच में छात्राओं की फर्जी उपस्थिति, वार्डन की अनधिकृत अनुपस्थिति और भोजन व अन्य सुविधाओं में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. मामले की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है.

जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता

दरअसल, गया जी जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) तरवां में शिक्षा और पोषण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. सात मई 2026 को जिलास्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति द्वारा किए गए निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में छात्राओं की फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही थी. रजिस्टर में दर्ज छात्राओं की संख्या वास्तविक उपस्थिति से अधिक पाई गई. इससे सरकारी संसाधनों और फंड के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है.

गया जी की खबरें यहां पढ़ें…

क्या है पूरा मामला

जांच में पाया गया कि विद्यालय की वार्डन स्वाति प्रिया तीन से नौ मई 2026 तक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थीं. इसके बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज की जाती रही. रिपोर्ट के अनुसार अंशकालिक शिक्षिका संगीता कुमारी ने वार्डन की फर्जी हाजिरी बनाई. इतना ही नहीं, वार्डन का अवकाश आवेदन भी सक्षम अधिकारी की बजाय शिक्षिका द्वारा स्वीकृत कर प्रस्तुत किया गया.

क्या क्या मिलीं गड़बड़ियां?

निरीक्षण के दौरान छात्राओं के भोजन और पोषण व्यवस्था में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच रिपोर्ट के अनुसार छात्राओं को लंबे समय से मेन्यू के अनुसार चना और गुड़ उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था. पिछले तीन महीनों में उन्हें निर्धारित नॉनवेज भोजन भी नहीं दिया गया. हरी सब्जियों की जगह लगातार केवल आलू की सब्जी परोसे जाने की बात सामने आई. जांच समिति ने पाया कि छात्राओं को स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की कई आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी. इससे छात्राओं की पढ़ाई और आवासीय सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था.

शिक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?

मामले को गंभीर मानते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) गौरव राज ने संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा. वार्डन स्वाति प्रिया के मई माह के सात दिनों का मानदेय काटा गया. इसके अलावा उनके अप्रैल माह के मानदेय में 50 प्रतिशत कटौती की गई. बाद में वार्षिक मानदेय में 20 प्रतिशत कटौती का आदेश भी जारी किया गया. फर्जी हाजिरी बनाने के आरोप में अंशकालिक शिक्षिका संगीता कुमारी के अप्रैल माह के मानदेय में भी 50 प्रतिशत कटौती की गई है.

छात्राओं और कर्मियों के साथ व्यवहार पर भी उठे सवाल

निरीक्षण टीम ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि विद्यालय संचालक, कर्मियों और छात्राओं के प्रति वार्डन का व्यवहार संतोषजनक नहीं पाया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्राओं की देखभाल की जिम्मेदारी होने के बावजूद वार्डन का रवैया गैर-जिम्मेदाराना था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने दो डीपीओ सहित तीन सदस्यीय एक और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है. नई समिति की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की स्थापना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग की छात्राओं को शिक्षा एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है. ऐसे में छात्राओं के भोजन, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में अनियमितताओं का मामला सामने आना न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि गरीब बच्चियों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जा रहा है.

Also Read: गया जी में अगले कुछ घंटे में तेज आंधी और बारिश, ठनका गिरने की भी चेतावनी, IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sakshi kumari

साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >