Gandak River Flash Flood Alert: नेपाल में भारी बारिश और प्रलयंकारी बाढ़ के बाद अब बिहार में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है. खासकर गंडक नदी के किनारे बसे लोगों के लिए आने वाले घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. प्रशासन ने संभावित बाढ़ और फ्लैश फ्लड को देखते हुए सीमावर्ती और निचले इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है. तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है.
गंज बराज का घट रहा जलप्रवाह
इस बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है. आधी रात के बाद गंडक बराज का जलप्रवाह घटने लगा है. लेकिन इसके बावजूद हर एक परिस्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. अगले कुछ घंटे बिहार के तटीय इलाके में रह रहे लोगों के लिए बेहद भारी हो सकता है. कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. गंडक बराज का जलप्रवाह कुछ इस तरह है...
शाम 7.30 बजे - 1,04,400 क्यूसेक
रात 8:30 बजे - 1,14,000 क्यूसेक
रात 9.00 बजे - 1,26,500 क्यूसेक
रात 9:30 बजे - 1,36,700 क्यूसेक
रात 10.00 बजे - 1,42, 100 क्यूसेक
रात 10:30 बजे - 1,47,500 क्यूसेक
रात 11.00 बजे - 1,50,200 क्यूसेक
रात 12.30 बजे - 1,42, 100 क्यूसेक
रात 01.00 बजे - 1,29,000 क्यूसेक
6 जिलों के DM-SP ने की समीक्षा
बिहार के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से तैयारियों की जानकारी ली. प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों को लेकर है, जो नदियों और तटबंधों के आसपास निचले इलाकों में रहते हैं. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर लोगों को निकालने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.
संवेदनशील इलाकों में निगरानी
संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने के साथ माइकिंग और लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है. पश्चिम चंपारण में 5 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए तटबंध के आसपास के इलाकों में माइकिंग कराई गई और लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया. जिले में चल रहे 7 कम्युनिटी किचन के जरिए अब तक 1,150 से ज्यादा लोगों को भोजन कराया जा चुका है.
NDRF-SDRF की टीमें अलर्ट
प्रशासन ने राहत केंद्र और कम्युनिटी किचन पहले से चिन्हित कर लिए हैं. इन केंद्रों से मेडिकल टीमों को भी जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकें. तटबंधों पर चौकीदारों और होमगार्ड के जवानों की लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है. NDRF और SDRF की टीमें भी अलर्ट मोड में हैं.
इन नदियों के वाटर लेवल पर भी नजर
गंडक के साथ-साथ कोसी और बागमती नदी के आसपास के इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है. फिलहाल प्रशासन के मुताबिक स्थिति सामान्य है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी है.
लोगों से की गई ये अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी न करें. सोशल मीडिया पर आने वाली अफवाहों और फेक न्यूज से बचें और केवल प्रशासन या अन्य आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें.
