Surajbhan Singh Health Update: बिहार के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद पटना के एक अस्पताल में उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया. लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने की वजह से उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया. इसके बाद उन्हें चेन्नई रेफर कर दिया गया.
एक सप्ताह पहले सीने में हुआ था दर्द
जानकारी के मुताबिक, लगभग एक सप्ताह पहले पटना स्थित आवास पर सूरजभान सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी. अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया था. फिलहाल बेहतर इलाज के लिए उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है.
सीरियस कार्डियक अरेस्ट की पुष्टि
बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने जांच के बाद सीरियस कार्डियक अरेस्ट की पुष्टि की. लेकिन उपचार के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया. सूरजभान सिंह को एयर एंबुलेंस से पटना से दिल्ली लाया गया, जहां उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां भी स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं होने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें चेन्नई शिफ्ट किया गया.
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
फिलहाल चेन्नई में डॉक्टरों की विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. परिवार की ओर से उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल अपडेट साझा नहीं किया गया है. सूरजभान सिंह की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद बिहार में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच चिंता का माहौल है. लोग लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं और जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.
बेगूसराय से रह चुके हैं सांसद
सूरजभान सिंह बिहार के मोकामा से ताल्लुक रखते हैं और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के टिकट पर बेगूसराय से सांसद रह चुके हैं. साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनके और उनके परिवार के राजनीतिक गतिविधियों और आरजेडी (RJD) से जुड़ने की चर्चाएं भी काफी चर्चा में रहीं.
अप्रैल 2026 में ही सूरजभान सिंह 30 साल पुराने एक हत्या के मामले में जेल से रिहा हुए थे. एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया था. जानकारी के मुताबिक, मामले में अभियोजन की ओर से 7 गवाह पानो देवी, रामेश्वर भगत, लुसिया देवी, नवल किशोर सिंह, फुलेना सिंह, गणेश सिंह और डॉ. प्रेमचंद कुमार की गवाही कराई गई थी. लेकिन इनमें से किसी ने भी घटना का समर्थन नहीं किया था. ऐसे में सबूतों के अभाव में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को जेल से रिहा करने का फैसला कोर्ट की ओर से लिया गया.
