मुजफ्फरपुर: पताही एयरपोर्ट से जल्द उड़ेंगे जहाज, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने किया निरीक्षण

मुजफ्फरपुर: एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ), नई दिल्ली के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने शनिवर पताही एयरपोर्ट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम ने एयरपोर्ट की उपलब्ध 101 एकड़ भूमि, रनवे की दिशा, फ्लाइट के लैंडिंग और टेक-ऑफ का विश्लेषण किया.

मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ), नई दिल्ली के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने शनिवर पताही एयरपोर्ट का गहन स्थलीय भ्रमण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया. इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के विकास की संभावनाओं और चुनौतियों का आकलन करना था, ताकि मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. टीम द्वारा प्लानिंग तैयार कर प्रस्ताव सरकार को समर्पित किया जायेगा. बताते चले कि जब पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने यहां सभा की थी उस समय इसे चालू करने की बात कही थी. इसके बाद काफी समय बीता तो स्थानीय लोगों की उम्मीद टूट गयी थी, इसी बीच दरभंगा एयरपोर्ट चालू कर दिया गया इसके बाद स्थानीय लोगों को काफी निराशा हुई थी. लेकिन इस निरीक्षण के बाद अब लगता है कि सरकार इस एयरपोर्ट को चालू करने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है.

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम

टीम ने किया सूक्ष्मता से निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान एएआइ की टीम ने एयरपोर्ट की उपलब्ध 101 एकड़ भूमि, रनवे की दिशा, फ्लाइट के लैंडिंग और टेक-ऑफ की व्यवहार्यता, परिसर में मौजूद संरचनाएं और एयरपोर्ट की परिधि में स्थित सड़क तथा बसावट की स्थिति का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया. टीम ने इस दौरान एयरपोर्ट की जमीन के वर्तमान हालात की फोटो और वीडियो भी संग्रहित किया. साथ ही टीम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता पूर्वी और अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से भी आवश्यक फीडबैक प्राप्त किया, जो एयरपोर्ट के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक पहलुओं को समझने में सहायक होगा.

ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यावसायिक महत्व का आकलन

यह जानकारी भी सामने आई कि पताही एयरपोर्ट मुख्यतः मुशहरी, मड़वन और कांटी अंचलों के अंतर्गत आता है. टीम ने वर्तमान में उपलब्ध 101 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट के निर्माण संबंधी विभिन्न पहलुओं का आकलन किया. इसके अतिरिक्त, टीम ने एयरपोर्ट के लिए यात्रियों की संभावना का अनुमान लगाने हेतु मुजफ्फरपुर जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यावसायिक महत्व की भी जानकारी प्राप्त की. जो कि यह दर्शाता है कि एएआइ केवल तकनीकी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि संभावित यात्री संख्या और आर्थिक व्यवहार्यता पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है.

जिलाधिकारी ने जताई उम्मीद

जिलाधिकारी ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पताही एयरपोर्ट के बन जाने और नियमित उड़ान सेवाओं के शुरू होने से न केवल मुजफ्फरपुर जिलावासियों को बल्कि अन्य निकटवर्ती लोगों को भी कम समय में तीव्र गति से अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. यह क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

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टीम में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

एएआइ की टीम में अनिल कुमार सागर (डीजीएम प्लानिंग), चंदन कुमार (डीजीएम सिविल), असीम भट्टाचार्य (डीजीएम सीएनसी), रोहन महेश्वरी (मैनेजर आर्किटेक्चर), दिनेश कुमार (मैनेजर एटीएम) और अजय कुमार (मैनेजर ओपीएस) शामिल थे. यह टीम अब एक विस्तृत योजना तैयार कर प्रस्ताव सरकार को समर्पित करेगी, जिससे पताही एयरपोर्ट के पुनरुद्धार की दिशा में अगला कदम बढ़ाया जा सके. मुजफ्फरपुर के लिए यह एक उम्मीद भरी खबर है, जो भविष्य में बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के नए द्वार खोल सकती है.

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By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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