EO Vimal Kumar Murder Case: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में उनके ड्राइवर का बयान सामने आया है. ड्राइवर के अनुसार, घटना की रात वह ईओ को लेकर गाड़ी से जा रहा था. रास्ते में उसे टॉयलेट लगी तो उसने गाड़ी रोकने की बात कही, लेकिन ईओ ने गाड़ी रोकने से मना कर दिया और आगे चलकर गाड़ी रोकने को कहा. ड्राइवर का दावा है कि इसी बात को लेकर ईओ ने उसके साथ गुस्से में बात की और गाली भी दी, जिससे उसका दिमाग गरम हो गया.
रॉड से हमला करने का दावा
ड्राइवर ने बताया कि गुस्से में उसने गाड़ी के पीछे रखा रॉड निकाला और ईओ पर हमला कर दिया. उसके अनुसार, कुछ दूर आगे जाने के बाद ईओ ने फिर तीन-चार बातें कहीं, जिसके बाद वह और भड़क गया. ड्राइवर ने कहा कि घटना अचानक गुस्से में हुई. उसने यह भी दावा किया कि ईओ का उसके साथ व्यवहार पहले से ठीक नहीं था और वह अक्सर डांटते थे.
छुट्टी नहीं देने का लगाया आरोप
ड्राइवर के अनुसार, वह कई बार ईओ से दो-चार दिन की छुट्टी मांगता था, लेकिन उसे छुट्टी नहीं दी जाती थी. उसने दावा किया कि सरकारी परीक्षाओं के दौरान ईओ कभी पटना तो कभी मोतिहारी चले जाते थे और शाम के बाद अपने घर शेरघाटी चले जाते थे. ड्राइवर का आरोप है कि इस दौरान उससे चाय-पानी तक के लिए नहीं पूछा जाता था और ड्यूटी नहीं होने पर भी उसे ईओ के आवास पर बैठाये रखा जाता था.
जमीन विवाद को लेकर भी था तनाव
ड्राइवर ने बताया कि उसका एक जमीन विवाद का मामला चल रहा था, जिसमें 16 तारीख को उसे संबंधित अधिकारी के पास जाना था. उसका दावा है कि उसी दौरान ईओ को पटना जाना था और उन्होंने उसे साथ चलने के लिए कहा था, जबकि वह अपने मामले की तारीख पर जाना चाहता था. ड्राइवर ने कहा कि ईओ के साथ उसके व्यवहार को लेकर पहले से नाराजगी थी और घटना की रात गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया.
पत्नी ने विधायक पर लगाये आरोप
विमल कुमार की पत्नी बबीता विमल ने हत्या के बाद डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर 50 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था. विधायक सोनू सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि कॉल डिटेल से फोन करने के आरोपों की सच्चाई सामने आ सकती है.
कार्यक्रम से तबीयत बताकर निकले थे
घटना वाली रात ईओ विमल कुमार अनुमंडल प्रशासन के ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में मौजूद थे. विधायक सोनू सिंह के अनुसार, ईओ ने वहां तबीयत खराब होने की बात कही और कार्यक्रम से पहले चले गये. बाद में एसडीएम के माध्यम से घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद विधायक और अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे. विधायक ने कहा कि उस समय उन्होंने ईओ से पूछा था कि वह क्यों जा रहे हैं, तो उन्होंने ‘सीजनल फीवर’ होने की बात कही थी.
जांच में सामने आयेगा हत्या का सच
ईओ विमल कुमार की हत्या के बाद परिवार में मातम है और घटना को लेकर अधिकारियों में भी आक्रोश है. बिहार सर्विस अर्बन एसोसिएशन ने अधिकारियों की सुरक्षा, मृतक के आश्रितों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. घटना के विरोध में कई नगर निकाय अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और ड्राइवर के बयान में बतायी गयी परिस्थितियों की कितनी पुष्टि होती है, यह पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगा.
